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Nagari Pracharini Sabha: आर्यभाषा पुस्तकालय के पुस्तकों व पांडुलिपियों को संरक्षित करेगा प्रबंधन, ऐसी है योजना

Wed, 28 Feb 2024 06:17 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Wed, 28 Feb 2024 06:17 PM IST
सार

Nagari Pracharini Sabha: नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने पुस्तकालय का ताला खोल दिया है। प्रधानमंत्री ने हिंदी सेवियों से संस्था को आर्थिक सहयोग करने की अपील भी की है। बताया कि पुस्तकालय में मेंटेनेंस की वजह से किताबों को पढ़ने, उन्हें इश्यू कराने में अभी पंद्रह दिन का समय लगेगा।

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Nagari Pracharini Sabha management books and manuscripts Aryabhasha Library
आर्य भाषा पुस्तकालय नागरीप्रचारिणी सभा का ताला खोलने के बाद किताबों की जांच करते व्योमेश शुक्ल। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के नागरी प्रचारिणी सभा के आर्यभाषा पुस्तकालय का ताला दस महीने बाद खुल गया। पुस्तकालय में करीब 25 लाख पुस्तकें रखी हैं। पांच लाख पन्नों वाली 50 हजार पांडुलिपियां भी हैं। इन पांडुलियों की सुधि 25 वर्षों से नहीं ली गई है। अब सफाई शुरू हुई है।
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नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल ने पुस्तकालय का ताला खोला। उन्होंने बताया कि अब पुस्तकालय का जीर्णाेद्धार कराया जाएगा। इनमें दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह हैं। इन पुस्तकों और पांडुलिपियों को संरक्षित किया जाएगा। उनका प्रकाशन होगा। हजारों हस्तलेख के साथ ही मुगलकाल, अंग्रेजों के समय के सरकारी गजट भी जैसे-तैसे पड़े हैं। पुस्तकालय में अप्रैल 2023 से ताला बंद था। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुस्तकालय खोलने का आदेश दिया था। इसका अनुपालन सुनिश्चित कराया गया है।
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पूर्व कमेटी ने सौंपी चाबी

नागरी प्रचारिणी सभा के प्रधानमंत्री व्योमेश शुक्ल पुस्तकालय पहुंचे तो पूर्व कमेटी के सदस्यों ने उन्हें चाबी सौंप दी। इसके बाद क्रय-विक्रय विभाग, प्रकाशन विभाग और केंद्रीय कार्यालय का ताला खोला गया। प्रधानमंत्री ने हिंदी सेवियों से संस्था को आर्थिक सहयोग करने की अपील भी की है।

नॉन पेमेंट में कटी बिजली जुड़ी
नॉन पेमेंट की वजह से कटी बिजली भी जुड़ गई। अब संस्था में सुधार, विकास और निर्माण की विभिन्न परियोजनाओं को अमलीजामा पहनाया जाएगा। इसके लिए इंटर्न भर्ती करने की तैयारी है। पुस्तकालय में मेंटेनेंस की वजह से किताबों को पढ़ने, उन्हें इश्यू कराने में अभी पंद्रह दिन का समय लगेगा। यहां कैटलॉग के अनुसार किताबों के रखने की पूरी व्यवस्था की जाएगी।
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