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म्यांमार में आया भूकंप काशी में भी लगे झटके
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 14 Apr 2016 02:21 AM IST
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म्यांमार में बुधवार को आए शक्तिशाली भूकंप के कारण दिल्ली, एनसीआर, पूर्वांचल समेत उत्तर प्रदेश, बिहार व कई राज्यों में बुधवार शाम करीब 7.20 बजे से 7.25 बजे के बीच हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप का केंद्र म्यांमार की राजधानी से 396 किलोमीटर दूर उत्तर में 134 किलोमीटर की गहराई में स्थित था। कहीं किसी तरह के कोई नुकसान की खबर नहीं है। वाराणसी बीएचयू के डिजिटल सिस्मोग्राफ संयंत्र पर करीब 3.4 तीव्रता दर्ज हुई। वहीं, म्यांमार में 6.8 दर्ज की गई। बीएचयू के भूभौतिकी विभाग के प्रो. एसएन पांडेय ने बताया कि म्यांमार बॉर्डर इसका केंद्र था। यहां गंगा बेसिन पर बालू का क्षेत्र होने की वजह से तीव्रता नष्ट हो गई। काशी भूकंप की टेक्टॉनिक प्लेट पर नहीं है।
पहाड़ी और पठारी इलाकों में जहां चट्टानें या पहाड़ के बीच बस्तियां हैं वहां भूकंप की तीव्रता से धरती फटने और जान-माल का नुकसान होता है। काशी गंगा के तट पर स्थित होने की वजह से भूकंप की तीव्रता बालू में फंसकर नष्ट हो सकती है। चार दिन में दूसरी बार आए भूकंप से लोग सहमे रहे। जिस समय भूकंप आया उस समय कुछ लोग बाहर बाइक और कार पर सवार थे तो कुछ लोग घर में बैठे टेलीविजन देख रहे थे। इस बीच आए भूकंप की वजह से किसी ने पंखा को हिलते देखा तो किसी ने कुर्सी के हिलने का अहसास किया। इसके बाद क्या था, हर कोई एक दूसरे को फोन कर पुष्टि में लग गया।
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पहाड़ी और पठारी इलाकों में जहां चट्टानें या पहाड़ के बीच बस्तियां हैं वहां भूकंप की तीव्रता से धरती फटने और जान-माल का नुकसान होता है। काशी गंगा के तट पर स्थित होने की वजह से भूकंप की तीव्रता बालू में फंसकर नष्ट हो सकती है। चार दिन में दूसरी बार आए भूकंप से लोग सहमे रहे। जिस समय भूकंप आया उस समय कुछ लोग बाहर बाइक और कार पर सवार थे तो कुछ लोग घर में बैठे टेलीविजन देख रहे थे। इस बीच आए भूकंप की वजह से किसी ने पंखा को हिलते देखा तो किसी ने कुर्सी के हिलने का अहसास किया। इसके बाद क्या था, हर कोई एक दूसरे को फोन कर पुष्टि में लग गया।
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