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वाराणसी में 43 दिन के लिए बसेगा ‘संगीत ग्राम’, नामीगिरामी कलाकार बहाएंगे ‘सुर गंगा’
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 29 Mar 2017 04:55 PM IST
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आशा भोसले और जाकिर हुसैन काशी में बांधेंगे समां
- फोटो : self
आगामी 18 अप्रैल से 30 मई तक काशी में ‘संगीत ग्राम’ जैसा नजारा होगा। आशा भोसले, जाकिर हुसैन, निलाद्रे कुमार, अमजद अली सरीखे कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे। ख्यातलब्ध विदेशी कलाकारों की जुगलबंदी होगी। नवोदित कलाकारों को मंच भी मिलेगा और संगीत की बारीकियां सीखने का मौका भी।
गायन-वादन के इन तमाम अद्भुत अहसासों से संगीत प्रेमियों को रूबरू कराएगा ‘सुर गंगा’। यह आयोजन यूनेस्को के क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में ‘संगीत का रचनात्मक नगर’ के रूप में वाराणसी के चयन के जश्न रूप में होने जा रहा है।
संगीत प्रस्तुतियों के लिए नागरी नाटक मंडली से गंगा तट तक छह पवेलियन बनाए जा रहे हैं। संस्कृत मंत्रालय भारत सरकार के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर, संगीत नाटक एकेडमी के संयोजन और नगर निगम के सहयोग से आयोजन की तैयारियां तेजी से मुकम्मल की जा रही हैं।
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पूरे शहर को इस जश्न के रंग में रंगने की तैयारी है। आयोजन का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ काशी की संगीत विरासत को दुनिया तक पहुंचाने और इसके जरिए यहां पर्यटन को बढ़ावा देने की है।
18 अप्रैल से दो मई तक ‘म्यूजिक जंक्शन’
सेमिनार, कार्यशालाओं के साथ-साथ गायन-वादन की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां होंगी। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत ख्यात कलाकार नवोदित कलाकारों को संगीत की बारीकियां बताएंगे।
इस दौरान बनारस घराने की आर्काइवल गैलरी भी सजाई जानी है। विदेशों से भी नवोदित कलाकारों के अलावा संगीत के विद्यार्थी बारीकियां सीखने यहां आएंगे।
21 से 23 अप्रैल तक ‘सिंफनी’
भैंसासुर घाट पर आयोजित होने वाला यह संगीत कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होगा। गंगा किनारे मंच बनेगा, जिस पर देश-विदेश के कई नामीगिरामी कलाकार संगीत की महफिल सजाएंगे।
पार्श्व गायिका आशा भोसले, तबला सम्राट जाकिर हुसैन, सरोद वादक अमजद अली खान, ड्रमर शिवमणी, सितार वादक नीलाद्रे जैसे नामी कलाकारों की यहां प्रस्तुतियां होंगी।
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गायन-वादन के इन तमाम अद्भुत अहसासों से संगीत प्रेमियों को रूबरू कराएगा ‘सुर गंगा’। यह आयोजन यूनेस्को के क्रिएटिव सिटी नेटवर्क में ‘संगीत का रचनात्मक नगर’ के रूप में वाराणसी के चयन के जश्न रूप में होने जा रहा है।
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संगीत प्रस्तुतियों के लिए नागरी नाटक मंडली से गंगा तट तक छह पवेलियन बनाए जा रहे हैं। संस्कृत मंत्रालय भारत सरकार के अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर, संगीत नाटक एकेडमी के संयोजन और नगर निगम के सहयोग से आयोजन की तैयारियां तेजी से मुकम्मल की जा रही हैं।
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पूरे शहर को इस जश्न के रंग में रंगने की तैयारी है। आयोजन का उद्देश्य सांस्कृतिक आदान-प्रदान के साथ काशी की संगीत विरासत को दुनिया तक पहुंचाने और इसके जरिए यहां पर्यटन को बढ़ावा देने की है।
18 अप्रैल से दो मई तक ‘म्यूजिक जंक्शन’
सेमिनार, कार्यशालाओं के साथ-साथ गायन-वादन की विभिन्न विधाओं की प्रस्तुतियां होंगी। गुरु-शिष्य परंपरा के तहत ख्यात कलाकार नवोदित कलाकारों को संगीत की बारीकियां बताएंगे।
इस दौरान बनारस घराने की आर्काइवल गैलरी भी सजाई जानी है। विदेशों से भी नवोदित कलाकारों के अलावा संगीत के विद्यार्थी बारीकियां सीखने यहां आएंगे।
21 से 23 अप्रैल तक ‘सिंफनी’
भैंसासुर घाट पर आयोजित होने वाला यह संगीत कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र होगा। गंगा किनारे मंच बनेगा, जिस पर देश-विदेश के कई नामीगिरामी कलाकार संगीत की महफिल सजाएंगे।
पार्श्व गायिका आशा भोसले, तबला सम्राट जाकिर हुसैन, सरोद वादक अमजद अली खान, ड्रमर शिवमणी, सितार वादक नीलाद्रे जैसे नामी कलाकारों की यहां प्रस्तुतियां होंगी।
संगीत के पुरोधाओं को समर्पित कार्यक्रम होंगे
म्यूजिकल कॉन्सर्ट
- फोटो : फाइल फोटो
25 अप्रैल से 19 मई: संगीत पुरोधाओं को समर्पित
हर दिन संगीत के पुरोधाओं को समर्पित कार्यक्रम होंगे। इसके लिए नागरी नाटक मंडली और नगर निगम के प्रेक्षागृह को तीन पवेलियन बनाए जाएंगे। हर दिन अलग-अलग पुरोधाओं को समर्पित होगा। उनके जीवन और संगीत सफर को रोचक ढंग से पेश किया जाएगा। नामचीन कलाकार अपने अंदाज में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
20 से 29 मई तक ‘म्यूजिक कन्फ्लूएंस’
अलग-अलग पवेलियन में रोजाना किसी एक राज्य की कला और संस्कृति की पूरी झांकी सजेगी। संबंधित प्रदेश के कलाकार अपनी लोक कला और संस्कृति की छटा बिखरेंगे। काशी में निवास कर रहे उस राज्य से जुड़े लोगों को उस दिन विशेष आमंत्रण मिलेगा।
30 मई को डीरेका में समापन समारोह
डीरेका ग्राउंड में भव्य आयोजन होगा। समापन समारोह उन लोगों को समर्पित होगा जो ‘सुर गंगा’ के सफर में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मुंबई की प्रोडक्शन टीम ने पूरे आयोजन की रूपरेखा बनाई है।
तैयारियों का जिम्मा संभाल रहे महापौर के सलाहकार राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि यह वाराणसी ही नहीं, देश-दुनिया के सभी संगीत प्रेमियों के लिए अब तक का सबसे खास आयोजन होगा।
हर दिन संगीत के पुरोधाओं को समर्पित कार्यक्रम होंगे। इसके लिए नागरी नाटक मंडली और नगर निगम के प्रेक्षागृह को तीन पवेलियन बनाए जाएंगे। हर दिन अलग-अलग पुरोधाओं को समर्पित होगा। उनके जीवन और संगीत सफर को रोचक ढंग से पेश किया जाएगा। नामचीन कलाकार अपने अंदाज में उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित करेंगे।
20 से 29 मई तक ‘म्यूजिक कन्फ्लूएंस’
अलग-अलग पवेलियन में रोजाना किसी एक राज्य की कला और संस्कृति की पूरी झांकी सजेगी। संबंधित प्रदेश के कलाकार अपनी लोक कला और संस्कृति की छटा बिखरेंगे। काशी में निवास कर रहे उस राज्य से जुड़े लोगों को उस दिन विशेष आमंत्रण मिलेगा।
30 मई को डीरेका में समापन समारोह
डीरेका ग्राउंड में भव्य आयोजन होगा। समापन समारोह उन लोगों को समर्पित होगा जो ‘सुर गंगा’ के सफर में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। मुंबई की प्रोडक्शन टीम ने पूरे आयोजन की रूपरेखा बनाई है।
तैयारियों का जिम्मा संभाल रहे महापौर के सलाहकार राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि यह वाराणसी ही नहीं, देश-दुनिया के सभी संगीत प्रेमियों के लिए अब तक का सबसे खास आयोजन होगा।