शराब पिलाने और नृत्य दिखाने के बहाने बुलाकर की थी हत्या, मिर्जापुर में दो युवकों के अधजले शव का मामला
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वाराणसी के कोतवाली थाने के हिस्ट्रीशीटर शुभम सेठ उर्फ शुभम केशरी को उसके दोस्तों ने शराब पिलाने और युवती का नृत्य दिखाने के बहाने रमाकांत नगर कॉलोनी के एक फ्लैट में बुलाया था। शुभम के साथ उसका दोस्त रवि भी खाने-पीने के चक्कर में गया था। दोनों को शराब और गांजा पिलाने के बाद गला दबाकर उनकी हत्या की गई थी। शुभम की हत्या के लिए वर्ष 2017 में मारे गए राजादरवाजा के झोला व्यापारी मोहन निगम के साले ने शुभम के दोस्तों और उनके करीबियों को पांच लाख की सुपारी दी थी। प्रकरण में पुलिस ने झोला व्यापारी के साले सहित पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को पांचों को अदालत में पेश किया जाएगा।
मिर्जापुर के अहरौरा क्षेत्र में पहाड़ी के नीचे खाई में बीते 15 जनवरी को गोला दीनानाथ निवासी शुभम केशरी और महमूरगंज के रवि पांडेय का अधजला शव मिला था। दोनों 22 दिसंबर 2020 से अपने घर से गायब थे। 16 जनवरी को दोनों के शव की शिनाख्त हुई तो कोतवाली थाने की पुलिस ने तफ्तीश शुरू की। वारदात को लेकर शुभम के चार दोस्तों से पुलिस ने पूछताछ शुरू की। चारों ने बताया कि 28 अगस्त 2017 को राजादरवाजा के झोला व्यापारी मोहन निगम की गोली मार कर हत्या की गई थी। इस वारदात का मुख्य आरोपी शुभम था।
पांच लाख रुपये में हत्या की दी थी सुपारी
जेल से बाहर आने के बाद शुभम झोला व्यापारी के साले और परिजनों को परेशान करता था। इसके साथ ही झोला व्यापारी के साले से जबरन पैसा भी वसूलता था। इन सबसे आजिज आकर झोला व्यापारी के साले ने शुभम के दोस्तों और उनके करीबियों को पांच लाख रुपये में उसकी हत्या की सुपारी दी थी। इसके बाद 22 दिसंबर की रात रमाकांत नगर कॉलोनी स्थित फ्लैट में शुभम को बुलाया गया। उसके साथ रवि भी आ गया तो उसकी भी हत्या कर दी गई। 23 दिसंबर को एक मैजिक में दोनों का शव रजाई-गद्दा और मेज के बीच रखकर अहरौरा में ले जाकर पहाड़ी के नीचे फेंक दिया गया। पांच जनवरी को दोबारा जाकर देखा गया तो दोनों के शव जस के तस थे, इसलिए उन पर 10 लीटर तेजाब उड़ेल दिया गया। इस संबंध में सोमवार को कोतवाली थाने की पुलिस ने बताया कि वारदात से संबंधित सभी आरोपी गिरफ्त में आ गए हैं। इस वारदात को सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया है, इसलिए सभी के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।
शुभम हमारी जान के लिए खतरा बन गया था, वह हमें मार देता
कोतवाली थाने की पुलिस की पूछताछ में झोला व्यापारी के साले ने बताया कि शुभम उसकी और उसके परिजनों की जान के लिए खतरा बन गया था। वह कभी भी उसकी हत्या करा सकता था। कारण कि चौक और कोतवाली क्षेत्र के कई अपराधियों के साथ उसका रोजाना उठना-बैठना था। शुभम उसकी हत्या करता इससे पहले ही उसने उसके दोस्तों के साथ साजिश रचकर उसे ठिकाने लगवा दिया। इस बीच झोला व्यापारी के साले ने रवि पांडेय की हत्या पर दुख जताया। कहा कि रवि को नहीं बुलाया गया था। वह शुभम की दोस्ती में उसके कहने पर खाने.पीने के चक्कर में आ गया था। अगर रवि को छोड़ दिया जाता तो वह राज उजागर कर देता। इसी वजह से रवि की भी हत्या करनी पड़ी। झोला व्यापारी के साले ने यह भी बताया कि शुभम की हत्या की बात पांच लाख रुपये में तय हुई थी, लेकिन वारदात को अंजाम देने वालों को वह अभी पूरा पैसा नहीं दे पाया है।