{"_id":"588b49844f1c1b3e0fcf5514","slug":"mukhtar-ansari-defeat-maoj-rau-befor-election","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्तार अंसारी ने चुनाव से पहले ही मनोज राय को दी पटखनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुख्तार अंसारी ने चुनाव से पहले ही मनोज राय को दी पटखनी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी/मऊ
Updated Fri, 27 Jan 2017 06:52 PM IST
विज्ञापन
mukhtar ansari
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ सदर विधानसभा सीट से विधायक मुख्तार अंसारी के विरुद्ध चुनाव लड़ने के लिए बसपा नेता मनोज राय को मुख्तार ने चुनाव से पहले ही पटखनी दे दी है। मऊ सदर विधानसभा सीट से बसपा ने पहले भीम राजभर को उम्मीदवार बनाया था।
बाद में भीम राजभर की जगह मुख्तार अंसारी के खिलाफ मनोज राय को खड़ा किया। लेकिन ऐन वक्त पर मुख्तार ने हाथी का दामन थामा और खुद ही बसपा प्रत्याशी बन गए। इस तरह उन्होंने चुनाव के पहले ही मनोज राय को पटखनी दे दी। फिलहाल मनोज राय के मंसूबे पर तो पानी फिर गया है लेकिन मुख्तार के खिलाफ वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है।
बता दें कि बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का सदर विधानसभा सीट पर लगातार 1996 से कब्जा है। वह यहां से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं, भले ही वह जेल के सलाखों के पीछे से ही क्यों न लड़े।
विज्ञापन
2017 के विधानसभा चुनाव में कौमी एकता दल के साथ अन्य छोटे दलों के साथ न रहने पर उन्होंने समाजवादी पार्टी में पार्टी के विलय की घोषणा की थी। तत्कालीन सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अंसारी बंधुओं को पार्टी में लेकर एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया था।
इसे लेकर सपा परिवार में ही विद्रोह की स्थिति बन गई थी। इसके चलते इस बार मुख्तार अंसारी अपने चुनाव को लेकर नई रणनीति में जुटे हुए थे। आखिरकार बसपा में अंसारी बंधुओं को जगह मिल गई।
बसपा ने न सिर्फ सदर विधानसभा सीट से मुख्तार अंसारी को बल्कि घोसी विधानसभा सीट से उनके बेटे अब्बास अंसारी को भी टिकट देने की घोषणा की है। इससे मऊ जिले में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ है।
कहां बसपा मुख्तार अंसारी को हराकर मनोज राय के रूप में विधायक बनवाने का ख्वाब देख रही थी और कहां मुख्तार अंसारी के पार्टी में आने से वह अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।
मुख्तार अंसारी के बसपा में शामिल होने से जहां मुख्तार समर्थक खुश हैं वहीं बसपा भी आश्वस्त नजर आ रही है।
अब देखना है कि मनोज राय मुख्तार अंसारी से चुनाव लड़ने के लिए किसी अन्य दल का हाथ थामते हैं या निर्दल ही ताल ठोंकते हैं। हालांकि दूसरे दल में आने की उनकी चर्चा जोरों पर हैं।
विज्ञापन
बाद में भीम राजभर की जगह मुख्तार अंसारी के खिलाफ मनोज राय को खड़ा किया। लेकिन ऐन वक्त पर मुख्तार ने हाथी का दामन थामा और खुद ही बसपा प्रत्याशी बन गए। इस तरह उन्होंने चुनाव के पहले ही मनोज राय को पटखनी दे दी। फिलहाल मनोज राय के मंसूबे पर तो पानी फिर गया है लेकिन मुख्तार के खिलाफ वह चुनाव लड़ेंगे या नहीं इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गरम है।
विज्ञापन
बता दें कि बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी का सदर विधानसभा सीट पर लगातार 1996 से कब्जा है। वह यहां से लगातार चुनाव जीतते आ रहे हैं, भले ही वह जेल के सलाखों के पीछे से ही क्यों न लड़े।
विज्ञापन
2017 के विधानसभा चुनाव में कौमी एकता दल के साथ अन्य छोटे दलों के साथ न रहने पर उन्होंने समाजवादी पार्टी में पार्टी के विलय की घोषणा की थी। तत्कालीन सपा प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव ने अंसारी बंधुओं को पार्टी में लेकर एक नया बखेड़ा खड़ा कर दिया था।
इसे लेकर सपा परिवार में ही विद्रोह की स्थिति बन गई थी। इसके चलते इस बार मुख्तार अंसारी अपने चुनाव को लेकर नई रणनीति में जुटे हुए थे। आखिरकार बसपा में अंसारी बंधुओं को जगह मिल गई।
बसपा ने न सिर्फ सदर विधानसभा सीट से मुख्तार अंसारी को बल्कि घोसी विधानसभा सीट से उनके बेटे अब्बास अंसारी को भी टिकट देने की घोषणा की है। इससे मऊ जिले में राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर चढ़ा हुआ है।
कहां बसपा मुख्तार अंसारी को हराकर मनोज राय के रूप में विधायक बनवाने का ख्वाब देख रही थी और कहां मुख्तार अंसारी के पार्टी में आने से वह अपनी जीत को लेकर आश्वस्त नजर आ रही है।
मुख्तार अंसारी के बसपा में शामिल होने से जहां मुख्तार समर्थक खुश हैं वहीं बसपा भी आश्वस्त नजर आ रही है।
अब देखना है कि मनोज राय मुख्तार अंसारी से चुनाव लड़ने के लिए किसी अन्य दल का हाथ थामते हैं या निर्दल ही ताल ठोंकते हैं। हालांकि दूसरे दल में आने की उनकी चर्चा जोरों पर हैं।