फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mukhtar and associates are under tightening scrutiny, administration demolishes illegal food warehouse

मुख्तार और सहयोगियों पर कसता जा रहा शिकंजा, प्रशासन ने अवैध खाद्यान्न गोदाम को ढहाया

Sat, 04 Jul 2020 08:26 PM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Sat, 04 Jul 2020 08:26 PM IST
विज्ञापन
Mukhtar and associates are under tightening scrutiny, administration demolishes illegal food warehouse
अवैध खाद्यान्न गोदाम को ढहाती जेसीबी। - फोटो : अमर उजाला।

मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी व उनके करीबियों पर गाजीपुर जिला प्रशासन का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। शनिवार को सदर एसडीएम प्रभास कुमार व सीओ सिटी ओजस्वी चावला के नेतृत्व में पहुंची पुलिस टीम ने फत्तेउल्लाहपुर स्थित खाद्यान्न भंडारण केंद्र के मुख्य गेट को जेसीबी से ध्वस्त करते हुए पांच बीघा सरकारी तालाब की जमीन को मुक्त कराया और इसे ग्राम पंचायत को सौंप दिया।

विज्ञापन


बाकी जमीन को भी अतिक्रमण मुक्त कराने की तैयारी चल रही है। इस कार्रवाई के दौरान प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ ही आस-पास के लोगों की भीड़ जमी रही। सदर एसडीएम के नेतृत्व में सदर तहसीलदार मुकेश सिंह, कानूगो अनिल चौबे व लेखपाल सत्यप्रकाश ने डीएम के निर्देश पर यह कार्रवाई पूरी की।  डीएम ओमप्रकाश आर्य ने शनिवार को सायंकाल पत्रकारवार्ता कर पूरी कार्रवाई की जानकारी दी।

विज्ञापन

Mukhtar and associates are under tightening scrutiny, administration demolishes illegal food warehouse
मौके पर मौजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी। - फोटो : अमर उजाला।

डीएम ने कहा कि आज से करीब 50 दशक पहले हुए चकबंदी में फत्तेउल्लाहपुर में सरकारी तालाब की जमीन को कु्छ लोगों ने गलत तरीके से अपने नाम दर्ज करवा लिया था। इस जमीन के पांच बीघा एरिया को मुख्तार और दूसरे लोगों ने गलत तरीके से खरीदा और इस पर खाद्यान्न गोदाम बना लिया गया। जब अफसरों को इसकी भनक लगी, तो वे जांच करने पहुंचे।

जांच में पता चला कि 32 बीघा तालाब के रूप में अंकित जमीन से 15 बीघा जमीन को गलत तरीके से इंद्राज करा लिया गया है। इस जमीन को मेसर्स विकास कंस्ट्रक्शन कंपनी ने खरीदा और इसके पार्टनर जाकिर हुसैन, अफसा बेगम, रवि नारायण सिंह आदि करीब आधे दर्जन लोग बने। जिस पर खाद्यान्न गोदाम का निर्माण कर संचालित किया जा रहा था। 

डीएम ने बताया कि अतिक्रमण का कुछ हिस्सा धराशायी करते हुए अतिक्रमण मुक्त कर दिया गया है। बाकी जमीन भी जल्द ही खाली करवाई जाएगी। अतिक्रमणकारियों के कब्जे से जमीन मुक्त कराने के बाद उसे ग्राम पंचायत को सौंप दिया गया है। डीएम ने यह भी बताया कि 1970 में हुए चकबंदी में इस फर्जीवाड़े में जिन-जिन लोगों की भी भूमिका थी, उनके ऊपर उचित कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed