मुहर्रम: 54 साल बाद सुलझा जुलूस के मार्ग का विवाद, उठी काशीराज की मन्नती ताजिया; कर्बला में दफन
Tazia: ताजिया के जुलूस के दाैरान शहर भर में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रही। चाैबेपुर में ताजिये जुलूस के मार्ग को लेकर चला आ रहा विवाद पांच दशक के बाद सुलझ गया। सौहार्द्र के माहौल में जुलूस निकाला गया।
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Muharram 2025: यौमे आशूरा पर ग्रामीण इलाकों में भी ताजिये का जुलूस उठाए गए और कर्बला में ताजिये दफन हुए। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रही। शिवदासपुर से तीन तथा मंडुवाडीह से एक ताजिया उठाए गए। जो दरगाहे फातमान में ठंडा हुए।
चौबेपुर क्षेत्र के चंद्रावती गांव में ताजिये जुलूस के मार्ग को लेकर 54 वर्षों से चला आ विवाद सुलझ गया और पुलिस प्रशासन और दोनों पक्षों के बीच तय मार्ग से जुलूस उठा और सौहार्द्र के माहौल में हिंदू धर्म के लोग भी शामिल हुए। 33 ताजिये का जुलूस उठाए गए। रामनगर में मरहूम अली अनवर के आवास से जुलूस उठाया गया।
मजलिस को खिताब मौलाना फरमान रजा नजफी ने किया। जुलूस हसन बाग इमामबाड़े ठंडा हुआ। अंजुमन मुहाफिजे अजा के नौहाख्वानों ने नौहा मातम व जंजीरी व कमा से मातम किया। अलम, दुल्दुल व ताबूत भी उठाया गया। गोलाघाट में बिठाए गए काशीराज की मन्नत के ताजिया को गंगा में ठंडा हुआ।
लोहता क्षेत्र में कड़ी सुरक्षा के बीच ताजिये का जुलूस उठा। अलावल मुहल्ले की चांदी वाली ताजिया आकर्षण का केंद्र रहा। हरपालपुर, धमरिया, कन्हई सराय से ताजिया उठाए गए। सभी ताजिया बडी ईदगाह भट्ठी में दफन हुए। कोटवा और मंगलपुर से भी जुलूस उठे। चिरईगांव, पिंडरा, बड़ागांव, हरहुआ, सेवापुरी, आराजीलाइन आदि ब्लाकों में भी आदि इलाकों में जुलूस उठाए गए।
स्वास्थ्य शिविर में दी पानी व दवाएं
जिया क्लब ने पितर कुंडा पर स्वास्थ्य शिविर लगाया। जुलूस में जाने वालों को पानी व अल्पाहार के साथ जिनकी सेहत खराब होने पर उनको दवाएं दी गई। इस मार्ग से 250 से अधिक ताजिया दरगाहे फातमान गया। संचालन समाजसेवी शकील अहमद जादूगर ने किया। सेवा में फजलुर रहमान, इरशाद अंसारी, रब्बानी अंसारी, शमीम अंसारी, हाजी काजू लगे रहे मौजूद रहे।