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नहीं उठा साठे का जुलूस, दरगाह पर हुई जियारत
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वाराणसी। गमे हुसैन की याद में दो महीने आठ दिन तक चलने वाली मजलिस और मातम का सिलसिला साठे के जुलूस के साथ संपन्न हुआ। सोमवार को हुए आयोजन के दौरान साठे का जुलूस नहीं उठाया गया। इमामबाड़े पर मजलिस और दरगाह पर जियारत करके रवायत निभाई गई। इस दौरान दरगाहों पर शहर भर से लोग पहुंचे और अलविदा मजलिसों में भी शिरकत की।
सोमवार को 11वें हसन असकरी की शहादत पर उठने वाला जुलूस नहीं उठा। शब्बीर ओ सफदर के अजाखाने पर जुलूस की जगह मजलिस के जरिए रवायत पूरी हुई। मजलिस को मौलाना अब्बास इरशाद नकवी ने खिताब किया। दरगाहे फातमान में अलविदा मजलिस को मौलाना खलीक जरवली ने खिताब किया। मजलिस के पहले लियाकत अली, शराफत अली ने मरसिया पेश किया। चार घंटे तक चली जियारत में शहर भर से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
असिराने कर्बला की अमारी का परिचय मौलाना शरर ने बेहतरीन अंदाज में कराया। कर्बला के वाकयात सुनकर लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं दूसरी तरफ शहर में मजलिसों का दौर देर रात तक चलता रहा। पठानी टोला में प्रो. अजीज हैदर, काली महाल में अतहर हुसैन जाफरी के निवास पर मजलिस हुई। अलम, दुलदुल और अमारी ताबूत की जियारत भी की गई। काली महाल जेपी टावर में अनाया फातमा के अजाखाने पर छोटे बच्चों ने मजलिस के जरिए इमाम को खिराजे अकीदत पेश की।
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ईद ए जेहरा आज
दो महीने आठ दिन तक गमों के सिलसिले के समाप्त होेने के बाद मंगलवार को ईद ए जेहरा मनाया जाएगा। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि शिया हजरात ईद ए जेहरा की खुशियां पूरे जोशो खरोश के साथ मनाएंगे। मजलिसों का सिलसिला हजरत मोहम्मद और छठें इमाम जाफर सादिक की जयंती तक चलेगा।
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सोमवार को 11वें हसन असकरी की शहादत पर उठने वाला जुलूस नहीं उठा। शब्बीर ओ सफदर के अजाखाने पर जुलूस की जगह मजलिस के जरिए रवायत पूरी हुई। मजलिस को मौलाना अब्बास इरशाद नकवी ने खिताब किया। दरगाहे फातमान में अलविदा मजलिस को मौलाना खलीक जरवली ने खिताब किया। मजलिस के पहले लियाकत अली, शराफत अली ने मरसिया पेश किया। चार घंटे तक चली जियारत में शहर भर से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।
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असिराने कर्बला की अमारी का परिचय मौलाना शरर ने बेहतरीन अंदाज में कराया। कर्बला के वाकयात सुनकर लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। वहीं दूसरी तरफ शहर में मजलिसों का दौर देर रात तक चलता रहा। पठानी टोला में प्रो. अजीज हैदर, काली महाल में अतहर हुसैन जाफरी के निवास पर मजलिस हुई। अलम, दुलदुल और अमारी ताबूत की जियारत भी की गई। काली महाल जेपी टावर में अनाया फातमा के अजाखाने पर छोटे बच्चों ने मजलिस के जरिए इमाम को खिराजे अकीदत पेश की।
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ईद ए जेहरा आज
दो महीने आठ दिन तक गमों के सिलसिले के समाप्त होेने के बाद मंगलवार को ईद ए जेहरा मनाया जाएगा। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि शिया हजरात ईद ए जेहरा की खुशियां पूरे जोशो खरोश के साथ मनाएंगे। मजलिसों का सिलसिला हजरत मोहम्मद और छठें इमाम जाफर सादिक की जयंती तक चलेगा।