जान का दुश्मन: वाराणसी में पांव पसार रहा ब्लैक फंगस , अब तक 3 का ऑपरेशन, कई मरीजों की रिपोर्ट का इंतजार
देश के अन्य शहरों की तरह वाराणसी में भी कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ब्लैक फंगस यानी की म्यूकोरमायकोसिस की बीमारी फैल रही है। वाराणसी में ब्लैक फंगस के मामले सामने आए हैं। बीएचयू अस्पताल में में अब तक तीन का ऑपरेशन हो चुका है वहीं कई संदिग्ध मरीजों की रिपोर्ट का इंतजार है।
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वाराणसी में कोरोना के कहर के बीच ब्लैक फंगस के मामले दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं।पिछले दिनों सात मरीजो में पुष्टि के बाद तीन और मरीज मिले हैं। बीएचयू में ब्लैक फंगस के लक्षण वाले जिन मरीजों का ऑपरेशन होना है,उनकी कोरोना रिपोर्ट का इंतजार डाक्टर कर रहे हैं।
इमरजेंसी में भर्ती ऐसे दो मरीजो की रिपोर्ट निगेटिव आते ही उनका ऑपरेशन किया जाएगा। इसके अलावा तीन अन्य मरीजो को कोरोना जांच सहित एमी जांच की सलाह दी गई है, उनका भी इंतजार किया जा रहा है। कोरोना की दूसरी लहर में धीरे धीरे ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है।
अब तक ईएनटी डिपार्टमेंट में वैसे तो 20 से ज्यादा मरीजों ने डॉक्टर से परामर्श लिया लेकिन इसमें डॉक्टरों ने फिलहाल 10 मरीजों को ऑपरेशन कराने का सुझाव दिया है। इसमे ब्लैक फंगस से ग्रसित 3 मरीजों का तो ऑपरेशन हो गया है लेकिन बाकी मरीजों के अभी कोरोना रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही ऑपरेशन की डेट तय होगी।
बीएचयू ईएनटी डिपार्टमेंट के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सुशील कुमार अग्रवाल ने बताया कि ब्लैक फंगस से ग्रसित बृहस्पतिवार को जो 3 मरीज आए थे उन्हें भी कोरोना सहित अन्य जांच कराने का सुझाव दिया गया है जिसके बाद उनके ऑपरेशन का फैसला होगा।
डॉ. अग्रवाल ने बताया कि ऑनलाइन परामर्श में जो भी सलाह ले रहा है,उसे सतर्कता बरतने के साथ ही जरूरत पड़ने पर विभाग में बुलाकर जांच भी की जा रही है। बताया कि बुधवार को जिस महिला का ऑपरेशन हुआ था उसकी सेहत में भी धीरे धीरे सुधार हो रहा है।
ऑपरेशन के बाद कोविड आईसीयू में भर्ती है महिला
ब्लैक फंगस से ग्रसित जिस महिला का बीते बुधवार ऑपरेशन हुआ था,वो कोविड आईसीयू में भर्ती है। डॉक्टर अग्रवाल के मुताबिक उसे ठीक होने में करीब दो महीने का समय लग सकता है। एंटी फंगल दवाएं दी जा रही है। डॉक्टरों की टीम महिला की निगरानी कर रही है। बता दें कि ब्लैक फंगस से पीड़ित कोरोना संक्रमित 50 वर्षीय महिला का ऑपरेशन के दौरान उसका जबड़ा, आंख निकालना पड़ा। इसके अलावा गाल के नीचे की हड्डी भी निकालना पड़ी। अब एंटी फंगल दवाइयां चलेंगी। बताया कि जब बिल्कुल ठीक हो जाएंगी तब नकली जबड़ा लगाया जाएगा। गाल की हड्डी भी लगेगी।