MSME for Bharat: ऐतिहासिक है एमएसएमई के लिए की गई पहल, काशी के उद्यमियों ने विकास और चुनौतियों पर की चर्चा
Varanasi News: वाराणसी में बृहस्पतिवार को बीएचयू में सूक्ष्म, लघु व मध्यम उद्योग एमएसएमई की चुनौतियों, संभावनाओं और भविष्य लेकर अमर उजाला एमएसएमई फॉर भारत मंथन का आयोजन हुआ। इस दौरान उद्यमियों ने उद्योग के विकास और चुनौतियों पर चर्चा की।
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अमर उजाला द्वारा आयोजित एमएसएमई कॉन्क्लेव में काशी को उद्योग और उद्यमिता का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने पर चर्चा हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, बनारस बीड्स के अशोक गुप्ता, धानुका साड़ीज के गौरीशंकर धानुका, आईआईए के राष्ट्रीय महासचिव दीपक बजाज और अपर आयुक्त उद्योग उमेश सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर अतिथियों का स्वागत व अभिनंदन किया गया।
इस दौरान अपर आयुक्त उद्योग उमेश सिंह ने बताया कि 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में एमएसएमई क्षेत्र ने ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने कहा कि 2017 में जहां राज्य का निर्यात केवल 70 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह आंकड़ा दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। बुनकरों से लेकर हस्तशिल्पकारों तक, सभी को सरकार की योजनाओं का लाभ मिला है। ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) और विश्वकर्मा योजना के तहत हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट और छोटे उद्योगों को संरक्षित और प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने रोजगार बढ़ाने और नए बाजार उपलब्ध कराने के लिए अमर उजाला को साधुवाद दिया।
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कार्यक्रम में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मंत्र को अपनाकर विकास की नई दिशा पाई है। उन्होंने कहा कि हर बड़ा उद्योग छोटे कदम से शुरू होता है, और एमएसएमई हमारी अर्थव्यवस्था की नींव है। नंदी ने बताया कि उत्तर प्रदेश अब उद्योग और निवेश का हॉटस्पॉट बन चुका है।
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नंदी ने बताया कि वाराणसी से हल्दिया तक वाटर वे शुरू हो चुका है और इसे आगे प्रयागराज तक बढ़ाने की योजना है। इन्वेस्टर समिट में 33 लाख 50 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे राज्य में उद्योगों को नई गति मिली है। उन्होंने यह भी कहा कि अपराध और माफिया के दबदबे से मुक्त होकर यूपी आज निवेशकों का भरोसेमंद गढ़ बन चुका है।
उन्होंने आगामी तीसरे इंटरनेशनल ट्रेड शो (25 से 29 सितंबर) का भी उल्लेख किया। इसमें रूस पार्टनर देश के रूप में शामिल होगा और 75 जिलों के ओडीओपी और जीआई टैग वाले उत्पाद प्रदर्शित होंगे। नंदी ने कहा कि “लोकल से ग्लोबल तक की यात्रा अब उत्तर प्रदेश ने पूरी कर ली है।”
मंत्री ने उद्यमियों से आह्वान किया कि वे नए अवसरों का लाभ उठाएं और आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में सहयोग दें। उन्होंने कहा कि एमएसएमई और कुटीर उद्योग ही भारत को दुनिया की तीन सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की दिशा में सबसे मजबूत स्तंभ हैं।