त्योहार पर मातम: रक्षाबंधन आया, राखियां भी आईं... नहीं लौटीं तो छह लापता बेटियां; एक माह में ताबड़तोड़ अपराध
रक्षाबंधन का त्योहार आया, बाजारों में राखियां सजीं, लेकिन छह परिवारों की बेटियां घर नहीं लौट सकीं। बीते एक माह में 14 से 22 वर्ष की छह किशोरियां-युवतियां लापता हुई हैं। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मुकदमे दर्ज किए, लेकिन रक्षाबंधन तक उनकी बरामदगी नहीं हो सकी। इससे परिवारों की चिंता बढ़ गई है।
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रक्षाबंधन पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधी, लेकिन चोलापुर थाना क्षेत्र के छह घरों में यह रस्म अधूरी रह गई। पिछले करीब एक माह में 14 से 22 वर्ष की छह किशोरियां और युवतियां लापता हो गईं। परिजनों ने अपने स्तर से रिश्तेदारों, परिचितों और संभावित स्थानों पर उनकी तलाश की। जब बेटियों का पता नहीं चला तो चोलापुर थाने में मुकदमे दर्ज कराए। इसके बावजूद रक्षाबंधन तक छहों की बरामदगी नहीं हो सकी। त्योहार बीत गया, लेकिन परिवारों का इंतजार खत्म नहीं हुआ।
पिछले करीब एक महीने में चोलापुर थाना क्षेत्र से लापता हुई छह किशोरियों और युवतियों की उम्र 14 से 22 वर्ष के बीच है। परिजनों के अनुसार, कुछ किशोरियां विद्यालय से निकलने के बाद घर नहीं लौटीं, जबकि कुछ के अचानक घर से गायब होने की बात सामने आई। बेटियों के घर नहीं लौटने पर परिजनों ने पहले रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की। संभावित स्थानों पर भी जानकारी की गई, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद परिजनों ने पुलिस से गुहार लगाई और मुकदमे दर्ज कराए।
इन छह परिवारों में भी रक्षाबंधन को लेकर उम्मीदें थीं। भाइयों को बहनों के हाथों राखी बंधने का इंतजार था। लेकिन इस बार किसी की कलाई सूनी रह गई तो किसी घर में राखी रखी रह गई। बेटियों के लापता होने के बाद से परिवारों की चिंता लगातार बनी हुई है। हर फोन की घंटी पर परिजनों को बेटी की खबर मिलने की उम्मीद रहती है। अनजान नंबर से फोन आने पर भी दिल धड़क उठता है। लेकिन अब तक उन्हें बेटियों के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
मुकदमा दर्ज, फिर भी बरामदगी का इंतजार
परिजनों का कहना है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद भी रक्षाबंधन तक बेटियों का पता नहीं चल सका। त्योहार के दिन उनकी चिंता और बढ़ गई। भाइयों की कलाई पर राखी बांधने वाली बहनें घर पर नहीं थीं। परिजन अब पुलिस से बेटियों की जल्द और सुरक्षित बरामदगी की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि उनके लिए यह सिर्फ मुकदमा नहीं, बल्कि परिवार की जिंदगी और भविष्य से जुड़ा मामला है।
पुलिस की टीम गठित कर दी गई है। किशोरियों की तलाश में टीमें लगातार संभावित स्थानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द ही बरामद कर लिया जाएगा साथ ही आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी। - प्रमोद कुमार, डीसीपी वरुणा