जज्बे को सलाम: मां ने कर्ज लेकर दी थी हॉकी किट...बेटी ने की मेहनत, जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप की टीम में चयन
Junior Hockey World Cup: आस्ट्रेलियन लीग के बाद वर्ल्ड कप के लिए चयनित होने वाली पूर्णिमा काशी की पहली खिलाड़ी बन गई हैं। अब दुनिया पूर्णिमा के ड्रैग फ्लिक का कमाल देखेगी। जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप 28 नवंबर से चेन्नई में होगी।
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Varanasi News: जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप की भारतीय टीम में चयनित होकर पूर्णिमा यादव ने मां के संघर्ष को सफल कर दिया। भारतीय हॉकी संघ ने जूनियर वर्ल्ड कप के लिए जिन भारतीय टीम के खिलाड़ियों के नाम का एलान किया है उनमें काशी की पूर्णिमा यादव का नाम भी शामिल है।
भारतीय जूनियर हॉकी टीम में पूर्णिमा बतौर फॉर्वर्ड खिालाड़ी खेलेंगी। पूर्णिमा यादव ने पिछले महीने पांच मैचों की आस्ट्रेलियन लीग में हिस्सा लिया था। यह प्रतियोगिता 26 सितंबर से आस्ट्रेलिया में खेली गई थी।
ओलंपियन राहुल सिंह ने बताया कि जिला मुख्यालय से दस किलोमीटर दूर हरहुआ के चक्का गांव की पूर्णिमा ने नौ साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू किया था। करीब आठ महीने बाद 2016 से क्रिकेट खेलना छोड़ दिया और हॉकी खेलने लगीं। सतनाम कौर वत्स से हॉकी का प्रशिक्षण लिया।
पूर्णिमा ने ओलंपियन विवेक सिंह एकेडमी से हॉकी की बारीकियां सीखीं। खेल में रुचि को देखते हुए मां अमरावती ने प्रोत्साहित किया। प्रशिक्षण के दो साल में ही पूर्णिमा का चयन स्पोर्ट्स कॉलेज गोरखपुर में हो गया। पूर्णिमा के पिता कौशलेंद्र यादव किसान हैं।
मां ने कर्ज लेकर दी थी हॉकी किट
पूर्णिमा की मां अमरावती ने कर्ज लेकर बेटी के लिए हॉकी किट खरीदी थी। इसके बाद पूर्णिमा गोरखपुर चली गईं। पूर्णिमा ने मणिपुर में खेली गई राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिता में कांस्य पदक जीता था।
ड्रैग फ्लिक की एक्सपर्ट हैं पूर्णिमा
कोच सतनाम कौर ने बताया कि सब जूनियर नेशनल खेल चुकीं पूर्णिमा पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने में एक्सपर्ट हैं। उनके ड्रैग फ्लिक विरोधी टीम के गोलकीपर को मुश्किल में डाल देते हैं। खेल के अंतिम समय में विरोधी टीम को चकमा देकर गोल करने में उन्हें महारथ हासिल है। नेशनल कैंप में भी हिस्सा ले चुकी हैं।
हॉकी में वाराणसी की बेटियां लगातार अच्छा कर रही हैं। पूजा यादव भी आस्ट्रेलियन सीरीज खेल चुकी हैं। अब पूर्णिमा को जूनियर हॉकी वर्ल्ड कप की टीम में जगह मिली है। इससे बेटियां उत्साहित होंगी। वह हॉकी खेलने के लिए आगे आएंगी। - डॉ. एके सिंह, अध्यक्ष, हॉकी वाराणसी