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महानिशा काल में होगी मां काली की आराधना, सिद्धपीठ मंदिर में मां ताराबाड़ी विराजमान
Sat, 14 Nov 2020 04:24 PM IST
गीतार्जुन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: गीतार्जुन गौतम
Updated Sat, 14 Nov 2020 04:24 PM IST
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काली मां।
- फोटो : amar ujala
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दीपावली की रात महानिशा पूजन का आयोजन वाराणसी के काली मंदिरों में किया जाएगा। शनिवार को लक्ष्मीकुंड स्थित कालीमठ में स्थित काली मंदिर में प्राचीन काली यंत्र एवं श्री यंत्र सहस्त्र अर्चन अनुष्ठान संपन्न होगा। पुजारी पं. ठाकुर प्रसाद दुबे ने बताया कि रात्रि 11 बजे भोग और महाआरती संपन्न होगी। वहीं भोजूबीर पंचक्रोशी मार्ग पर स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में महानिशा पूजन संपन्न होगा। पुजारी राजू गिरी ने बताया कि महानिशा काल में माता की विधिवत पूजा की जाएगी।
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सिद्धपीठ की मान्यता प्राप्त मां ताराबाड़ी का मान दीपावली की अमवस्या पर काली पूजा के दिन खास तौर से हैं। बंगीय शैली के किसी आवासीय भवन का आभास देने वाली सिद्धपीठ की छोटी सी दुआरी के पीछे पसरी विशाल अंगनाई के अलग-अलग कोणों पर देवी दुर्गा, देवी विशालाक्षी के अलावा गोपाल जी व राधा-कृष्ण के विग्रह स्थापित हैं।
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मंदिर के दक्षिणी छोर के दूसरे आंगन स्थित देव मंडप में मां तारा पंचमुंड आसन पर विराजमान हैं। प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शनिवार को दीपावली काली पूजन के उपलक्ष्य में जगज्जननी काली माता एवं तारा माता का पूजन शनिवार को शाम सात बजे से संपन्न किया जाएगा।
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