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काशी विश्वनाथ धाम में होगा मां गंगा का अहसास
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पतित पावनी गंगा अब देवाधिदेव महादेव के चरण पखारने के साथ ही उनके भक्तों को काशी विश्वनाथ धाम में होने का भी अहसास कराएंगी। काशी विश्वनाथ धाम में बनने वाले आभासी म्यूजियम में गंगा घाट से लेकर यहां के खानपान और गलियों को महसूस किया जा सकेगा। काशी दर्शन की तमन्ना वाले बाबा विश्वनाथ के भक्त एक छत के नीचे पूरे बनारस को न केवल देख पाएंगे, बल्कि उसका सुखद अहसास भी उन्हें होगा। यह वाराणसी का दूसरा आभासी म्यूजियम होगा, इससे पहले मान महल घाट पर एक आभासी संग्रहालय को लोग महसूस कर रहे हैं।
दरअसल, काशी विश्वनाथ धाम को श्रद्धालुओं के लिए सर्व सुविधा युक्त बनाने के साथ ही उसमें काशी की झलक भी समेटी जा रही है। वर्चुअल म्यूजियम में थ्रीडी के जरिए कल-कल करती गंगा की लहरें होंगी और खूबसूरत घाट भी निहारे जाएंगे। इसके साथ ही महादेव की नगरी का पूरा इतिहास, भौगोलिक स्थिति, साहित्य, पौराणिक मान्यताओं आदि को भी जीवंत किया जाएगा। काशी की पुरानी और स्मार्ट गलियों में विचरण का आभास होगा। इस पूरी कवायद के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की मदद लेगा। यहां बता दें कि राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद गंगा किनारे पुरातात्विक महत्व के स्मारक मान महल में आभासी संग्रहालय बना चुका है। लगभग 11 करोड़ रुपये के इस खास परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी, 2019 में लोकार्पण किया था। इसमें बनारस की मूर्त-अमूर्त धरोहरों को वर्चुअल टेक्नालाजी के जरिए जीवंत किया गया है। दस सेक्शन में विभाजित म्यूजियम में कर्व्ड टीवी स्क्रीन, पेंटिंग, टच स्क्रीन, प्रोजेक्टर के जरिए समूचे बनारस को दिखाया गया है। इसमें गंगा के घाट, शास्त्रीय संगीत, साड़ी की बुनाई, रामलीला, स्मारक, पान की दुकान आदि तक का थ्रीडी दर्शन कराया जाता है।
सुबह ए बनारस और गंगा आरती की भी झलक
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद से ही जलासेन और ललिता घाट पर काशी की विश्वविख्यात गंगा आरती का दर्शन श्रद्धालु कर पाएंगे। इसके लिए स्थान नियत कर विशेष अनुष्ठान के साथ गंगा आरती का शुभारंभ कराया जाएगा। गंगा तट होने वाली आरती के साथ ही सुबह इस घाट पर श्रद्धालुओं के स्नान, चेंजिंग रूम, योग के लिए स्थान आदि की व्यवस्था की जाएगी।
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भव्य होगी बाबा की मंगला आरती
काशीपुराधिपति के जागरण के लिए होने वाली मंगला आरती को और भव्य करने की तैयारी है। इसमें बाबा के विशेष श्रृंगार के साथ ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था होगी। साथ ही बाबा का विशेष प्रसाद चंदन भी भक्तों को मिलेगा।
काशी का गौरवशाली इतिहास बताने वाले युवा होंगे प्रशिक्षित
काशी विश्वनाथ के लोकार्पण के साथ ही मंदिर प्रशासन की ओर से काशी के गौरवशाली इतिहास का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 100 महिला और 100 पुरुष वालंटियर्स प्रशिक्षित किए जाएंगे। अलग-अलग सामाजिक वर्ग से चयनित यह युवा टोलियों में मंदिर परिसर और गांवों में काशी विश्वनाथ के भव्य स्वरूप पर चर्चा करेंगे।
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दरअसल, काशी विश्वनाथ धाम को श्रद्धालुओं के लिए सर्व सुविधा युक्त बनाने के साथ ही उसमें काशी की झलक भी समेटी जा रही है। वर्चुअल म्यूजियम में थ्रीडी के जरिए कल-कल करती गंगा की लहरें होंगी और खूबसूरत घाट भी निहारे जाएंगे। इसके साथ ही महादेव की नगरी का पूरा इतिहास, भौगोलिक स्थिति, साहित्य, पौराणिक मान्यताओं आदि को भी जीवंत किया जाएगा। काशी की पुरानी और स्मार्ट गलियों में विचरण का आभास होगा। इस पूरी कवायद के लिए श्रीकाशी विश्वनाथ विशिष्ट क्षेत्र विकास परिषद राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की मदद लेगा। यहां बता दें कि राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद गंगा किनारे पुरातात्विक महत्व के स्मारक मान महल में आभासी संग्रहालय बना चुका है। लगभग 11 करोड़ रुपये के इस खास परियोजना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फरवरी, 2019 में लोकार्पण किया था। इसमें बनारस की मूर्त-अमूर्त धरोहरों को वर्चुअल टेक्नालाजी के जरिए जीवंत किया गया है। दस सेक्शन में विभाजित म्यूजियम में कर्व्ड टीवी स्क्रीन, पेंटिंग, टच स्क्रीन, प्रोजेक्टर के जरिए समूचे बनारस को दिखाया गया है। इसमें गंगा के घाट, शास्त्रीय संगीत, साड़ी की बुनाई, रामलीला, स्मारक, पान की दुकान आदि तक का थ्रीडी दर्शन कराया जाता है।
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सुबह ए बनारस और गंगा आरती की भी झलक
काशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण के बाद से ही जलासेन और ललिता घाट पर काशी की विश्वविख्यात गंगा आरती का दर्शन श्रद्धालु कर पाएंगे। इसके लिए स्थान नियत कर विशेष अनुष्ठान के साथ गंगा आरती का शुभारंभ कराया जाएगा। गंगा तट होने वाली आरती के साथ ही सुबह इस घाट पर श्रद्धालुओं के स्नान, चेंजिंग रूम, योग के लिए स्थान आदि की व्यवस्था की जाएगी।
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भव्य होगी बाबा की मंगला आरती
काशीपुराधिपति के जागरण के लिए होने वाली मंगला आरती को और भव्य करने की तैयारी है। इसमें बाबा के विशेष श्रृंगार के साथ ही वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की भी व्यवस्था होगी। साथ ही बाबा का विशेष प्रसाद चंदन भी भक्तों को मिलेगा।
काशी का गौरवशाली इतिहास बताने वाले युवा होंगे प्रशिक्षित
काशी विश्वनाथ के लोकार्पण के साथ ही मंदिर प्रशासन की ओर से काशी के गौरवशाली इतिहास का प्रचार-प्रसार बढ़ाया जाएगा। इसके लिए 100 महिला और 100 पुरुष वालंटियर्स प्रशिक्षित किए जाएंगे। अलग-अलग सामाजिक वर्ग से चयनित यह युवा टोलियों में मंदिर परिसर और गांवों में काशी विश्वनाथ के भव्य स्वरूप पर चर्चा करेंगे।