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Varanasi News: मां दक्षिणेश्वरी काली ने किया जलविहार, हुआ हरियाली शृंगार
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पंचक्रोशी परिक्रमा मार्ग पर विराजमान मां दक्षिणेश्वरी काली की शनिवार को जलविहार झांकी सजाई गई। माता का हरियाली शृंगार हुआ। भक्तों ने माता के दिव्य स्वरूप का दर्शन किया। देर रात तक मंदिर में माता के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं के आने का सिलसिला लगा रहा।
भोजूबीर के मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में मां काली का दरबार झूले पर सजाया गया। भक्तों ने बेला, गुलाब, जूही, रजनीगंधा समेत फलों और पत्तियों से शृंगार किया। भगवती की रच-रचकर जलविहार झांकी सजाई गई। इससे पहले भोर में चार बजे पंचामृत से माता के विग्रह को स्नान कराया गया। नवीन वस्त्र और रजत मुंडमाला धारण कराकर विधि-विधान से पूजन और मंगला आरती हुई। महंत गोपाल गिरि के मार्गदर्शन में सभी अनुष्ठान पूरे हुए। दोपहर एक बजे भोग आरती और रात 8:30 बजे व्यवस्थापक राजेश गिरि ने 1008 बत्तियों और सवा किलोग्राम कपूर से महाआरती उतारी। शहर के शिवमंदिरों से आए डमरू दल ने डमरू वादन किया। इस दौरान दीपक, प्रत्यूष, देविशा, आरची और जितेंद्र ने सहयोग किया।
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भोजूबीर के मां दक्षिणेश्वरी काली मंदिर में मां काली का दरबार झूले पर सजाया गया। भक्तों ने बेला, गुलाब, जूही, रजनीगंधा समेत फलों और पत्तियों से शृंगार किया। भगवती की रच-रचकर जलविहार झांकी सजाई गई। इससे पहले भोर में चार बजे पंचामृत से माता के विग्रह को स्नान कराया गया। नवीन वस्त्र और रजत मुंडमाला धारण कराकर विधि-विधान से पूजन और मंगला आरती हुई। महंत गोपाल गिरि के मार्गदर्शन में सभी अनुष्ठान पूरे हुए। दोपहर एक बजे भोग आरती और रात 8:30 बजे व्यवस्थापक राजेश गिरि ने 1008 बत्तियों और सवा किलोग्राम कपूर से महाआरती उतारी। शहर के शिवमंदिरों से आए डमरू दल ने डमरू वादन किया। इस दौरान दीपक, प्रत्यूष, देविशा, आरची और जितेंद्र ने सहयोग किया।
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