BHU Hospital: रोज 20 सीढ़ियां चढ़कर अल्ट्रासाउंट कराने जाती हैं 80 से अधिक महिलाएं, नहीं मिल रही जांच की सुविधा
Varanasi News: बीएचयू अस्पताल परिसर में एमएस ऑफिस के ठीक बगल में बने 100 बेड वाली पांच मंजिला एमसीएच बिल्डिंग के उद्घाटन के दो साल बाद भी अभी वो सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जो यहां मिलनी चाहिए। यहां भूतल पर चलने वाली ओपीडी में हर दिन 300 से अधिक महिलाएं आती हैं।
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एमसीएच विंग यानी कि एक ही छत के नीचे गर्भवती महिलाओं और बच्चों के जांच और इलाज की सुविधा। बीएचयू अस्पताल में बने एमसीएच विंग में जांच, इलाज के लिए आने वाली गर्भवती महिलाओं को जांच की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
लिहाजा ओपीडी या भर्ती के दौरान डॉक्टर किसी महिला को अल्ट्रासाउंड जांच लिखती है तो उनको सामान्य मरीजों के लिए बने अल्ट्रासाउंड कक्ष तक जाकर जांच कराना मजबूरी है। औसतन हर दिन 80 से अधिक महिलाओं को सीढ़ी चढ़कर पहले तल पर जांच कराने जाना पड़ता है। बुधवार को अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जांच केंद्र पर ऐसा ही दृश्य देखने को मिला।
बीएचयू अस्पताल परिसर में एमएस ऑफिस के ठीक बगल में बने 100 बेड वाली पांच मंजिला एमसीएच बिल्डिंग के उद्घाटन के दो साल बाद भी अभी वो सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, जो यहां मिलनी चाहिए। यहां भूतल पर चलने वाली ओपीडी में हर दिन 300 से अधिक महिलाएं आती हैं।
इसमें 100 से अधिक संख्या गर्भवती महिलाओं की होती है। जहां तक एमसीएच विंग की बात है तो एक ही छत के नीचे जांच, इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए लेकिन महिलाओं को अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष में जाना पड़ता है। एक तो यहां पहले से ही अन्य विभागों के मरीजों की भीड़ रहती है, उसी में गर्भवती महिलाओं को भी जांच कराना होता है।
जिला महिला अस्पताल के एमसीएच विंग में होती हैं सभी जांचें
लिहाजा सीढ़ी चढ़कर ऊपर जाने के बाद उनको सीढ़ियों पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता है। अगर यही व्यवस्था एमसीएच विंग में हो जाए तो यह परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
जिला महिला अस्पताल के एमसीएच विंग में होती हैं सभी जांचें
जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा में भी एमसीएच विंग का संचालन होता है। यहां आने वाली गर्भवती महिलाओं को एक ही छत के नीचे खून जांच, अल्ट्रासाउंड सहित अन्य जांचों की सुविधा मिल रही है। ऐसे में दूर दराज से आने वाली महिलाओं को कही भटकना नहीं पड़ता है।
केस-1
पहड़िया निवासी एक गर्भवती महिला की फरवरी के पहले सप्ताह में डिलीवरी हुई। पति आर केशरी के अनुसार ओपीडी में दिखाने के दौरान जब भी अल्ट्रासाउंड लिखा गया,तब अस्पताल के सामान्य अल्ट्रासाउंड कक्ष पर जाने की सलाह दी गई। यहां मरीजों की भीड़ अधिक होने से आधे से एक घंटे तक का इंतजार करना पड़ता है।
केस-2
आजमगढ़ निवासी एक महिला को पेट में दर्द था, उनका ऑपरेशन भी हुआ। अब वह फॉलोअप में भी एमसीएच विंग आती हैं। इसी महीने के दूसरे सप्ताह में उन्होंने ओपीडी में डॉक्टर को दिखाया तो अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह मिली। पति टीके सिंह के मुताबिक जांच का फार्म एमसीएच विंग से भरकर मिला, लेकिन अल्ट्रासाउंड यहां नहीं हुआ। लिहाजा अस्पताल तक जाना पड़ा।
बोले अधिकारी
बीएचयू एमसीएच विंग में गर्भवती महिलाओं को जांच, इलाज की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलें, इस दिशा में बीएचयू अस्पताल से आने वाले पत्र पर शासन के निर्देश पर कार्रवाई की जाएगी। - डॉ. संदीप चौधरी, सीएमओ