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Varanasi: मोरारी बापू ने बाबा विश्वनाथ को सुनायी रामकथा, बोले- सूर्य का संपूर्ण लक्षण काशी में

Mon, 24 Jul 2023 07:45 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Mon, 24 Jul 2023 07:45 PM IST
सार

कथावाचक मोरारी बापू सावन के तीसरे सोमवार को द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा के तहत श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में महादेव को राम की कथा सुनाई। विश्वनाथ धाम में गंगा के समानान्तर प्रवाहित मानस कथा में श्रद्धालुओं ने गोते लगाते हुए रोम-रोम को तर किया।

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Morari Bapu narrated Ramkatha to Baba Vishwanath said complete symptoms of Sun in Kashi
काशी विश्वनाथ धाम में मोरारी बापू की कथा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आध्यात्मिक संत व कथावाचक मोरारी बापू ने कहा कि काशी में जितना प्रकाश है उतना प्रकाश कहीं और नहीं मिलेगा। सूर्य का संपूर्ण लक्षण काशी में है। तभी तो दुनिया की हर आध्यात्मिक धारा ने काशी को छुआ। नास्तिक हो चाहे विधर्मी हो हर कोई काशी आया, काशी आकर मंदिरों का ध्वंस भी किया लेकिन काशी की अजस्त्र धारा आज भी प्रवाहमान है। अब तो अच्छा समय आ गया है और हम अपने प्राचीन वैभव को फिर से हासिल करने की ओर अग्रसर हो चुके हैं।

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सोमवार को श्री काशी विश्वनाथ धाम में द्वादश ज्योतिर्लिंग पर रामकथा के दूसरे पड़ाव पर राम नाम की रसधार बहाते हुए बापू ने कहा कि काशी प्रकाशमय है और इसके उजालों को काल भी ग्रस नहीं कर सकता है। काशी जैसी शीतलता और मोहकता कहीं और नहीं मिल सकती है।
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गोस्वामी तुलसी ने काशी को ज्ञान और मुक्ति की भूमि कहा है। राम नाम की महिमा बताते हुए बापू ने कहा कि राम महामंत्र का निरंतर जप व्यक्ति की दशा बदल सकता है। कथा से पूर्व मोरारी बापू ने बाबा काशी विश्वनाथ का अभिषेक संग दर्शन-पूजन किया। तत्पश्चात व्यास पीठ पर विराजे और श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित करते हुए विश्वनाथ धाम निर्माण पर अगाध प्रसन्नता व्यक्त की।

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राम-राम के नाम से रोम-रोम हुआ तर

प्रख्यात कथावाचक मोरारी बापू ने सावन के तीसरे सोमवार को बाबा काशी विश्वनाथ और उनके स्वरूप काशीवासियों को रामकथा के रसधार से अभिसिक्त कर दिया। विश्वनाथ धाम में गंगा के समानान्तर प्रवाहित मानस कथा में श्रद्धालुओं ने गोते लगाते हुए रोम-रोम को तर किया। उन्होंने भगवान शिव का निवास के लिए काशी को चुनना सहित कई प्रसंगों का वर्णन किया। 

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