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रहें सावधान, त्योहार आते ही जवां हुआ मिलावटखोरी का धंधा
टीम डिजिटल,वाराणसी
Updated Thu, 09 Mar 2017 10:24 PM IST
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खोये से बेसन और तेल तक में जबरदस्त मिलावट
- फोटो : अमर उजाला
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होली की खरीदारी के जोर पकड़ते ही मिलावटखोरों ने फिर बाजार को जकड़ लिया है। खोये से बेसन और तेल तक जबरदस्त मिलावट की जा रही है। मुनाफे की होड़ में आम जन स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है।
मिलावटखोरों पर नकेल कसने की खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कोशिशें बेअसर साबित हो रही हैं। मिलावट की सबसे अधिक शिकायतें खोवा (मावा), बेसन, सरसों तेल, मसाला आदि में सामने आ रही हैं।
दरअसल, वाराणसी में प्रतिदिन लगभग पांच लाख लीटर दूध की खपत होती है। होली पर इसकी मांग सीधे दोगुनी हो जाती है। ऐसे में एकाएक उत्पादन तो बढ़ नहीं सकता, लिहाजा मुनाफे की होड़ में मिलावटखोरी शुरू हो जाती है।
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खोये में मिलावट या नकली खोया बनाने के लिए आलू, मैदा के अलावा घटिया मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड का प्रयोग किया जाता है। महक लाने के लिए सेंट तक डाले जा रहे हैं। यह सब सेहत के लिए हानिकारक है।
इसी तरह, बेसन में मटर का आटा और सरसों के तेल में पाम आयल, राइस क्रान आयल, रंग लाने के लिए बटर यलो आदि की मिलावट की जा रही है। उपभोक्ता जागरूक रहकर मिलावट के जाल से बच सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन अभिहीत अधिकारी डॉ. अरविंद यादव कहते हैं कि मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए टीमें बना दी गई हैं। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
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मिलावटखोरों पर नकेल कसने की खाद्य सुरक्षा प्रशासन की कोशिशें बेअसर साबित हो रही हैं। मिलावट की सबसे अधिक शिकायतें खोवा (मावा), बेसन, सरसों तेल, मसाला आदि में सामने आ रही हैं।
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दरअसल, वाराणसी में प्रतिदिन लगभग पांच लाख लीटर दूध की खपत होती है। होली पर इसकी मांग सीधे दोगुनी हो जाती है। ऐसे में एकाएक उत्पादन तो बढ़ नहीं सकता, लिहाजा मुनाफे की होड़ में मिलावटखोरी शुरू हो जाती है।
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खोये में मिलावट या नकली खोया बनाने के लिए आलू, मैदा के अलावा घटिया मिल्क पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड का प्रयोग किया जाता है। महक लाने के लिए सेंट तक डाले जा रहे हैं। यह सब सेहत के लिए हानिकारक है।
इसी तरह, बेसन में मटर का आटा और सरसों के तेल में पाम आयल, राइस क्रान आयल, रंग लाने के लिए बटर यलो आदि की मिलावट की जा रही है। उपभोक्ता जागरूक रहकर मिलावट के जाल से बच सकते हैं।
खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन अभिहीत अधिकारी डॉ. अरविंद यादव कहते हैं कि मिलावटखोरों पर शिकंजा कसने के लिए टीमें बना दी गई हैं। अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।