{"_id":"6a988814dd1d84748c0381d6","slug":"mlc-raised-issues-regarding-cases-pending-in-courts-old-lessees-and-evictions-varanasi-news-c-20-noi1138-1529143-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: एमएलसी ने न्यायालयों में लंबित मामलों, पुराने पट्टेदारों और बेदखली के मुद्दे उठाए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: एमएलसी ने न्यायालयों में लंबित मामलों, पुराने पट्टेदारों और बेदखली के मुद्दे उठाए
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति विधेयक पर बुधवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई प्रवर समिति की बैठक में विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) आशुतोष सिन्हा ने विधेयक में व्यापक संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि नजूल संपत्तियों के संबंध में कोई भी व्यापक नीति वास्तविक और प्रमाणित आंकड़ों के आधार पर ही बनाई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने अगली बैठक में पूरे प्रदेश की नजूल संपत्तियों का विस्तृत और जिलेवार ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें कुल नजूल संपत्तियों की संख्या, न्यायालयों में लंबित मामले, फ्रीहोल्ड की जा चुकीं संपत्तियां और अवैध कब्जे वाली संपत्तियों का विवरण शामिल रहेगा।
प्रवर समिति की बैठक में एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने नजूल संपत्ति (लोक प्रयोजनार्थ प्रबंध और उपयोग) विधेयक 2024 की विभिन्न धाराओं में संशोधन के प्रस्ताव रखे। उन्होंने कहा कि कानून बनाते समय वर्षों से वैध रूप से रह रहे नागरिकों, पुराने पट्टेदारों, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए। नजूल संपत्तियों से जुड़े मामलों में न्यायालयों में लंबित मुकदमों, पुराने पट्टेदारों के अधिकार, फ्रीहोल्ड संपत्तियों, बेदखली, मुआवजा और पुनर्वास जैसे मुद्दे देखे जाने चाहिए।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने अगली बैठक में पूरे प्रदेश की नजूल संपत्तियों का विस्तृत और जिलेवार ब्योरा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। इसमें कुल नजूल संपत्तियों की संख्या, न्यायालयों में लंबित मामले, फ्रीहोल्ड की जा चुकीं संपत्तियां और अवैध कब्जे वाली संपत्तियों का विवरण शामिल रहेगा।
विज्ञापन
प्रवर समिति की बैठक में एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने नजूल संपत्ति (लोक प्रयोजनार्थ प्रबंध और उपयोग) विधेयक 2024 की विभिन्न धाराओं में संशोधन के प्रस्ताव रखे। उन्होंने कहा कि कानून बनाते समय वर्षों से वैध रूप से रह रहे नागरिकों, पुराने पट्टेदारों, गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के हितों की भी रक्षा होनी चाहिए। नजूल संपत्तियों से जुड़े मामलों में न्यायालयों में लंबित मुकदमों, पुराने पट्टेदारों के अधिकार, फ्रीहोल्ड संपत्तियों, बेदखली, मुआवजा और पुनर्वास जैसे मुद्दे देखे जाने चाहिए।
विज्ञापन