{"_id":"5bf1495cbdec2269332784f9","slug":"missing-husband-found-after-26-years-at-railway-station","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"फिल्मों में ही देखा होगा ऐसा मिलन, 26 साल से लापता पति से यूं मिली पत्नी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फिल्मों में ही देखा होगा ऐसा मिलन, 26 साल से लापता पति से यूं मिली पत्नी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,चंदौली
Updated Mon, 19 Nov 2018 07:39 PM IST
विज्ञापन
स्टेशन पर मिले परिजन
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लापता हुए जिस पति का पत्नी 26 साल से इंतजार कर रही थी, वह अचानक इस हाल में रेलवे स्टेशन पर मिल जाएगा उसने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा। महिला की जब 26 वर्षों बाद पति से नजरें मिली तो उसकी आंखों से खुशी की अश्रुधारा बह निकली और उन्हें एकटक निहारती रहीं। आंखों में धूंधला चेहरा बसाए बेटे के सामने पिता आए तो सहसा उसे अपनी नजरों एक बार तो विश्वास नहीं हुआ। बेटे ने घर से पिता की फोटो मंगाने के बाद उनके चेहरे से मिलान कर अपनी कार में बैठाकर घर लाया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
रोज भगवान से करती थी प्रार्थना
सत्येंद्र सिंह
- फोटो : amar ujala
वहीं पिता की मानसिक स्थिति अच्छी नहीं दिख रही है और वह किसी को पहचान नहीं पा रहा है। वह उसके पिता ही हैं इसकी पुष्टि के लिए बेटा बीएचयू में उनका डीएनए टेस्ट कराएगा। पत्नी को पूरा भरोसा है कि वह उसके पति हैं।
varanasi
- फोटो : amar ujala
मूल रूप से सैयदराजा के तेजोपुर निवासी सत्येंद्र सिंह आसाम में सुपारी का कारोबार करते थे। इस बीच उनकी शादी बैजयंती से हुई। दोनों के दो पुत्र हुए। बड़ा बेटा रोहित जब पांच वर्ष और छोटा मिथुन तीन वर्ष का हुआ तो सत्येंद्र आसाम गए लेकिन उसके बाद उनका पता नहीं चला। पत्नी बैजयंती ने रिश्तेदारों के सहयोग से काफी खोजबीन की लेकिन कहीं पता नहीं चला। दो बेटों को साथ लेकर किसी तरह जीवन यापन करती रही।
विज्ञापन
विज्ञापन
varanasivaranasi
- फोटो : amar ujala
रोजाना वह भगवान से पति के मिलने की प्रार्थना करती थी। रेलवे में काम कर रहे देवर ने अपनी भाभी को पीडीडीयू नगर में आश्रय दिया और बेटों की शिक्षा के लिए वह पीडीडीयू नगर में आ गई। किसी तरह दोनों बेटों को पढ़ा लिखाया। प्रति वर्ष बैजयंती तीज व्रत रखती और पति का फोटो देख व्रत खोलती। इस बीच दोनों बेटे रोहित और मिथुन भी बड़े हो गए और निजी कंपनी में काम करने लगे। बेटों ने कैलाशपुरी में मकान बनवा लिया। शनिवार को रोहित अपनी सास प्रमिला को जमानिया के लिए ट्रेन पर बैठाने के लिए रेलवे स्टेशन पर गया था।
विज्ञापन
varanasi
- फोटो : amar ujala
रात आठ बजे वह पीडीडीयू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार कर रहा था तभी फटी लुंगी और गंदी कमीज, बढ़ी सफेद दाढ़ी वाले इंसान को देख कर भौंचक रह गया। उसे अंदेशा हुआ कि वह उसका बिछड़ा हुआ पिता है। इस पर उसने व्यक्ति को रोक लिया और रिश्तेदार की सहायता से मां को बुलाया। प्लेटफार्म संख्या दो पर जब मां बैजयती पहुंची तो पति को पहचान लिया और खुशी से रोने लगी। इस दौरान प्लेटफार्म पर भीड़ हो गई। बैजयंती ने पति सत्येंद्र को काली मंदिर ले जाकर पूजा अर्चना की।