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UP Crime: 35 लाख रुपये दो नहीं तो फर्जी केस में फंसा देंगे, अधिकारी ने मांगी रंगदारी, दी धमकी; थाने में FIR
Wed, 10 Jul 2024 02:15 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Wed, 10 Jul 2024 02:15 PM IST
सार
Varanasi News: सहायक अभियोजन अधिकारी से लाखों की रंगदारी मांगने और उन्हें धमकाने के आरोप में वाराणसी के कैंट थाना की पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। बताया जा रहा है कि अधिकारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है।
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कैंट थाना की पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
वाराणसी के सर्किट हाउस के बगल में अधिकारी आवास में रहने वाले सहायक अभियोजन अधिकारी दीपक कुमार ने 35 लाख रुपये रंगदारी मांगने और धमकाने के आरोप में केस दर्ज कराया है। पीड़ित ने बताया कि उनसे 10 लाख की वसूली की जा चुकी है। तहरीर पर कैंट थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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अभियोजन अधिकारी ने बताया कि उनके मोबाइल पर राधेश्याम तिवारी नामक व्यक्ति कॉल कर पैसे की मांग कर रहा है। मना करने पर फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी जा रही है। इसके पीछे प्रयागराज की अलकापुरी कॉलोनी, अशोक नगर के अशोक कुमार पांडेय और सहारनपुर के जनक नगर की शालिनी शर्मा का हाथ है।
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अशोक और शालिनी उच्च न्यायालय और अधीनस्थ न्यायालयों को भ्रमित कर गलत तथ्यों को प्रस्तुत कर एफआईआर दर्ज कराते हैं। फिर, समझौते के नाम पर पैसे और प्रॉपर्टी की मांग करते हैं।
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इससे पहले भी अशोक और शालिनी ने उच्च न्यायालय को गलत तथ्य बताकर प्रयागराज के जार्ज टाउन थाने में एफआईआर कराई थी। इसके बाद नौकरी से निकलवाने की धमकी देकर 10 लाख रुपये की मांग की।
नौकरी के साथ ही समाज में इज्जत बचाने के लिए उन्होंने पर्सनल लोन लेकर 10 लाख रुपये अशोक को दिए। एफआईआर की विवेचना में अपराध होना नहीं पाया गया था और अंतिम रिपोर्ट अदालत में दाखिल की गई थी। अब इन लोगों ने 35 लाख रुपये की मांग की है।
कहा है कि पैसा नहीं दोगे तो तुम्हारी नौकरी खा जाएंगे। जब उन्हें कहा गया कि पैसा नहीं देंगे तो अशोक कुमार ने हाईकोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया। कहा कि उससे 35 लाख रुपये पर समझौता हुआ था जो हमने नहीं दिया। जबकि, कभी ऐसा समझौता ही नहीं हुआ। इससे हाईकोर्ट को भी अवगत कराया गया।
शालिनी शर्मा द्वारा सहारनपुर के जनक नगर थाने में छह लोगों पर फर्जी रिपोर्ट दर्ज करा कर उनकी करोड़ों रुपये की प्रॉपर्टी पर कब्जा कर लिया गया। इसी तरह के अन्य मामले भी हैं। इन लोगों का एक गिरोह है, जिसमें शालिनी शर्मा कभी खुशी सिंह बनकर तो कभी अपनी बहनों को आगे कर कोर्ट को गुमराह करती है। शालिनी की मदद सहारनपुर के रामपुर मनिहारनपुर का वसीम अहमद भी करता है।
इस संबंध में इंस्पेक्टर कैंट अरविंद कुमार सरोज ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।