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पुलिस हिरासत से छूटने पर बोला किशोर- रोजाना मारते और कहते थे कि कहो कि तुम चोर हो

Thu, 14 Jun 2018 02:31 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Updated Thu, 14 Jun 2018 02:31 PM IST
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Minor told story of varanasi police inhumanity in lock up
हवालात में किशोर - फोटो : file photo
बनारस में पुलिस की अवैध हिरासत से छूटने के बाद भी किशोर पुलिस की अमानवीय हरकतों को याद कर सहम जाता है। उसने और उसकी मां ने बताया कि थाने पर उसे रोजाना जमकर पीटा जाता था।
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दर्द से वह कराहने लगता था तो पुलिसकर्मी दवा खिलाते थे और हथकड़ी लगाकर टेबल से रस्सी को बांध देते थे। कहा जाता था कि स्वीकार करो कि तुम चोर हो। थाने पर किशोर से उसका पिता मुलाकात करने जाता था तो कहा जाता था कि तीन लाख रुपये लेकर आओ नहीं तो सूरत मत दिखाना।
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किशोर के पिता जब कहता था कि उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे तो उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। मंगलवार रात जब किशोर घर पहुंचा तो उसके मां-बाप और भाई-बहन की आंखों से आंसुओं की धार नहीं रुक रही थी।
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परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने बच्चे को सुपुर्द किया तो मां और दादी से सादे कागज पर अंगूठा लगवाया और अपने पास रख लिया। बुधवार को बार-बार किशोर के घर जाकर पुलिस पूछती रही कि वह और उसके पिता कहां है।

यह भी प्रयास किया गया कि किशोर और उसके पिता अधिकारियों के सामने घटना को नकार दें। ग्राम प्रधान मदन सोनकर सहित ग्रामीणों का कहना था कि दोषियों को दंड जरूर मिलना चाहिए।

मामले की जांच करेंगे एसपी ग्रामीण

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पुलिस थाने में 13 वर्षीय किशोर को हथकड़ी बांध कर सात दिन तक अवैध हिरासत में रखने का मामला सार्वजनिक होने के बाद महकमे में हड़कंप मच गया। थानाध्यक्ष को एसएसपी ने फटकार लगाते हुए एसपी ग्रामीण को प्रकरण की जांच दो दिन में करने को कहा है।

इस बीच एडीजी जोन और आईजी रेंज ने एसएसपी को मामले में की गई कार्रवाई से अवगत कराने को कहा है। मंगलवार को थाने गए एक शख्स ने हथकड़ी बांधे और हवालात में निढाल पड़े किशोर को देखा तो फोटो खींच कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी।

इसकी जानकारी थानाध्यक्ष को हुई तो आनन-फानन में रात 10 बजे किशोर को मिर्जामुराद थाना क्षेत्र में बीरबलपुर गांव स्थित घर पहुंचा दिया गया। बुधवार को किशोर और उसके परिजनों ने पुलिस उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

छह जून को कानपुर से चोरी किया गया डंपर बरामद कर उसमें से हाथ-पैर बंधे एक किशोर को थानाध्यक्ष अवनीश कुमार राय थाने ले गए। किशोर के अनुसार उसका हाथ-पैर बांध कर चालक और अन्य लोग भाग गए थे।

आरोप है कि इसके बाद पूछताछ के नाम पर किशोर को हथकड़ी बांध कर हवालात में डाल दिया गया। किशोर ने बताया कि जो लोग डंपर लेकर आए थे, उसने उनका नाम और पता बता दिया लेकिन पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा। 

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में हुई शिकायत

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मानवाधिकार आयोग
मानवाधिकार जन निगरानी समिति के संस्थापक लेनिन रघुवंशी ने प्रकरण की शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से कर दी है। उन्होंने कहा कि मिर्जामुराद पुलिस ने उच्चतम न्यायालय के आदेश का उल्लंघन किया है।

किशोर को न्याय दिलाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी और दोषी पुलिसकर्मियों को दंडित कराया जाएगा। वहीं मामले में बुधवार को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी से मिला।

उन्होंने कहा कि इंस्पेक्टर को तत्काल निलंबित कर हटाया जाए और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए। इंस्पेक्टर को हटाया नहीं जाएगा तो जांच प्रभावित होगी और पीड़ित परिवार उनके डर से सच्चाई नहीं बताएगा।
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