सर्वोच्च ईरानी नेता के प्रतिनिधि मेंहदी मुसवी ने कहा-जनरल सुलेमानी को अमेरिका ने धोखे से मारा
सर्वोच्च ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के प्रतिनिधि ईरान कल्चर हाउस देलही के मौलाना मेंहदी मुसवी बृहस्पतिवार को काशी पहुंचे। उन्होंने कहा कि शहीद किसी भी देश का हो वह अपने देश की पहचान होता है। उसका मान-सम्मान होता है। शहीद जनरल कासिम सुलेमानी, जनरल मेंहदी मेंहदस को अमेरिका ने धोखे से ड्रोन हमले में शहीद किया था।
वह पूरी दुनिया में अमर रहेंगे और उनका नाम हमेशा लिया जाएगा। काशी के घाट और गंगा के किनारे भ्रमण के दौरान वह खुद को इसके सम्मोहन से नहीं बचा सके। कहा कि अगर आप पूरी दुनिया घूमना चाहते हैं तो भारत का भ्रमण कर लीजिए। मैं दुनिया के कई मुल्कों में गया लेकिन ऐसा नजारा कहीं नहीं दिखा। उन्होंने दरगाह-ए-फातमान में दुआख्वानी की।
बृहस्पतिवार को दरगाह-ए-फातमान में हजरत अली समिति के संयोजन में सेमिनार व दुआख्वान का आयोजन किया गया। सेमिनार को संबोधित करते हुए मौलाना मेंहदी मुसवी ने कहा कि मेजर जनरल सुलेमानी आईएसआईएस के खिलाफ आवाज उठाते रहे। उन्होंने भारत की 52 नर्सों को आईएसआईएस के चंगुल से छुड़ाकर सकुशल भारत पहुंचाया।
इस अवसर पर उनकी याद में दुआख्वानी हुई। मौलाना ने दरगाह के संस्थापक अल्लामा शेख अली हाजी ईरानी की मजार पर फूल चढ़ाए और मोमबत्ती जलाकर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का आगाज कुरान की तिलावत से हुआ।
इस दौरान मौलाना जमीरूल हसन रिजवी, मौलाना अकील हुसैनी, एहतेशाम आब्दी, हाजी सैयद फरमान हैदर ने विचार व्यक्त किए। संचालन मौलाना नदीम असगर रिजवी, धन्यवाद ज्ञापन डॉ. जहीर हैदर ने किया। दरगाह के मुतवल्ली अब्बास रिजवी शफक ने अतिथियों को सम्मानित किया।