{"_id":"5fea37b18ebc3e415473d807","slug":"meeting-city-news-vns5660631200","type":"story","status":"publish","title_hn":"नए साल में पूर्वांचल के लिए उद्यमियों ने मांगा विशेष पैकेज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नए साल में पूर्वांचल के लिए उद्यमियों ने मांगा विशेष पैकेज
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी। उद्यमियों ने नए साल में आगामी बजट को देखते हुए पूर्वांचल को विशेष पैकेज देने की मांग की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण को विशेष पैकेज को लेकर पत्र भी भेजा है। सोमवार को मलदहिया स्थित इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) की बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि पूर्वांचल के समग्र विकास के लिए पैकेज बहुत जरूरी है। सरकार के थोड़े से प्रयास से इस क्षेत्र में उद्योगों का जाल बिछाया जा सकता है, विगत कई वर्षों से इस क्षेत्र के विकास के लिए पूर्वांचल पैकेज की मांग की जा रही है अब वक्त आ गया है कि इस ओर ध्यान देकर इस क्षेत्र के तीव्र विकास का खाका तैयार किया जाए। क्योंकि पूर्वांचल में उद्योग व उद्यमिता की असीम संभावनाएं हैं, यहां औद्योगिक विकास के सभी संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं।
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव राजेश भाटिया ने वित्त मंत्री से मांग की है कि आयकर को तर्कसंगत बनाया जाए। आयकर की दरों को तर्कसंगत बनाते हुए कारपोरेट की तर्ज पर पार्टनरशिप एवं प्रोपराइटरशिप फर्म को भी 22 प्रतिशत के स्लैब में रखा जाना उचित होगा। इन इकाइयों को आज नई मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों व स्टार्टअप से स्पर्धा लेनी पड़ रही है, जबकि स्टार्टअप एवं नई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों पर 15 प्रतिशत की दर से ही आयकर लगता है।
आईआईए के नीरज पारिख ने वित्तमंत्री से मांग किया कि फूड पार्क के बाहर स्थापित फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को भी सब्सिडी दी जाए। उद्यमी राहुल मेहता ने कहा कि कोरोना काल के बाद बुरी तरह प्रभावित पर्यटन उद्योग के लिए विशेष पैकज बहुत जरूरी है। देशी पर्यटकों को भारत भ्रमण के दौरान किए जा रहे खर्च को भी आयकर की छूट में शामिल किया जाए।
विज्ञापन
आआईए के चैप्टर अध्यक्ष दीपक बजाज ने मांग किया कि फ्रेट सब्सिडी को बढ़ाकर तर्कसंगत बनाया जाए। ताकि निर्यातकों की बाधा दूर हो सके।
विज्ञापन
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव राजेश भाटिया ने वित्त मंत्री से मांग की है कि आयकर को तर्कसंगत बनाया जाए। आयकर की दरों को तर्कसंगत बनाते हुए कारपोरेट की तर्ज पर पार्टनरशिप एवं प्रोपराइटरशिप फर्म को भी 22 प्रतिशत के स्लैब में रखा जाना उचित होगा। इन इकाइयों को आज नई मैन्यूफैक्चरिंग इकाइयों व स्टार्टअप से स्पर्धा लेनी पड़ रही है, जबकि स्टार्टअप एवं नई मैन्युफैक्चरिंग इकाइयों पर 15 प्रतिशत की दर से ही आयकर लगता है।
विज्ञापन
आईआईए के नीरज पारिख ने वित्तमंत्री से मांग किया कि फूड पार्क के बाहर स्थापित फूड प्रोसेसिंग इकाइयों को भी सब्सिडी दी जाए। उद्यमी राहुल मेहता ने कहा कि कोरोना काल के बाद बुरी तरह प्रभावित पर्यटन उद्योग के लिए विशेष पैकज बहुत जरूरी है। देशी पर्यटकों को भारत भ्रमण के दौरान किए जा रहे खर्च को भी आयकर की छूट में शामिल किया जाए।
विज्ञापन
आआईए के चैप्टर अध्यक्ष दीपक बजाज ने मांग किया कि फ्रेट सब्सिडी को बढ़ाकर तर्कसंगत बनाया जाए। ताकि निर्यातकों की बाधा दूर हो सके।