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यूपी: गरीबों के लिए आयुष्मान किसी वरदान से कम नहीं, इस तरह से लें इस सुविधा का लाभ

Wed, 02 Oct 2019 01:45 AM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: वाराणसी ब्यूरो Updated Wed, 02 Oct 2019 01:45 AM IST
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आयुष्मान योजना - फोटो : अमर उजाला
आयुष्मान भारत योजना में गोल्डन कार्ड बन गया है तो बिना किसी खर्च के बेहतर इलाज होगा। इसके लिए भागदौड़ करने की भी जरूरत नहीं है। कौन सा अस्पताल पंजीकृत है, क्या-क्या सुविधाएं हैं। कैसे योजना का लाभ मिलेगा।
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इस तरह की जानकारियां पीएम जय नाम से बनी वेबसाइट पर तो है ही, सरकारी अस्पतालों में बने काउंटरों पर कार्ड बनाने के साथ ही लोगों को जागरूक किया जा रहा है। अब जबकि योजना के एक साल पूरे हो गए हैं, ऐसे में योजना से जुड़े लोगों का मानना है कि यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है।
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पहले जहां गरीबों के पास केवल सरकारी अस्पताल का ही सहारा था, वहीं निजी अस्पतालों में भी बेहतर इलाज करा पा रहे हैं। बातचीत में लोगों ने योजना को वरदान तो बताया साथ ही इससे जुड़े लोगों को मानीटरिंग कराते रहने की बात कही, जिससे कि कोई परेशानी न हो।
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गरीबों और जरूरतमंदों को इस योजना से जोड़कर अच्छी से अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने की पहल काबिले तारीफ है। गोल्डन कार्ड होने के बाद कम से कम इस बात की चिंता तो दूर हो गई है कि बीमारी का सही इलाज हो सकेगा। -विजय लक्ष्मी त्रिपाठी, रोहनिया अखरी

ग्रामीण इलाकों में लोग अपनी सेहत को लेकर बहुत चिंतित थे, उनके लिए तो यह योजना वरदान ही है। सरकार ने तो स्वास्थ्य की चिंता दूर कर दी लेकिन इसमें लगे लोगों को अपनी जिम्मेदारी समझते हुए समय-समय पर इसकी मानीटरिंग करते रहने की जरूरत है। -शालिक राम मिश्रा, दरेखू

पत्नी के पेट में पथरी की जानकारी होने के बाद से ही परेशान थे। जांच कराने के बाद जब पता चला कि अधिक पैसे खर्च होंगे तो परेशान हो गए। यह तो ठीक था कि गोल्डन कार्ड था। इसके बाद निजी अस्पताल गए और बिना किसी खर्च के ऑपरेशन कराया। योजना किसी वरदान से कम नहीं। -विजय कुमार गौतम, सुरही

जनगणना सूची में नाम दर्ज होने के बाद गोल्डन कार्ड बनवाया। अब खुद के साथ ही परिवार के सदस्यों के इलाज की चिंता दूर हो गई। कार्ड से उन लोगों का जीवन बच जाएगा जो पैसे के अभाव में इलाज नहीं करा सकते हैं। -कौस्तभु सिंह, बनकट

जिस सोच के साथ इस योजना की शुरूआत हुई थी, उसमें कहीं न कहीं थोड़ी बहुत कमियां रह गई है। इसे दूर करने की जरूरत है। अभी भी कई लोगों को गोल्डन कार्ड बनवाने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। इसकी मानीटरिंग बहुत जरूरी है। -विकास सिंह, अधिवक्ता

यहां दे सकते हैं आयुष्मान से जुड़ी जानकारी
अगर आप आयुष्मान योजना से जुड़ी कोई भी समस्या या जानकारी हम तक पहुंचाना चाहते हैं तो व्हाट्सएप नंबर 7617566161 पर मैसेज और कॉल कर सकते हैं। साथ ही vns-cityreporter@vns.amarujala.com पर भी सूचना दे सकते हैं।

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