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महापौर अंजान शुरू हो गए काम
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Sat, 05 Nov 2016 01:48 AM IST
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शहर की बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए शासन की ओर से और कॉरपोरेट सोशल रेस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत मिलने वाले पैसे से होने वाले काम को लेकर रार मची है। नगर निगम के अधिकारियों ने ठेकेदारों की मिलीभगत से करोड़ों रुपये के काम मेयर रामगोपाल मोहले की अनुमति के बिना ही शुरू करा दिए। इसकी जानकारी होने पर मेयर ने नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही से जवाब मांगा है और एक सप्ताह में इन कार्यों की पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
शहर की सफाई व्यवस्था, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, अर्दली बाजार में स्लाटर हाउस के निर्माण समेत कई काम नगर निगम की ओर से कराए जा रहे हैं। नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने आननफानन में टेंडर कर अपने चहेतों को काम दे दिए। मेयर रामगोपाल मोहले का कहना है कि नगर निगम की ओर से जनसुविधा एवं शहर के विकास के लिए कराए जाने वाले निर्माण कार्य शुरू होने से पहले मेयर की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन तकरीबन 30 करोड़ रुपये के ऐसे कार्य नगर निगम ने प्रारंभ करा दिए और उनकी अनुमति नहीं ली गई। इस मामले में नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही से जवाब मांगा गया है। उन्होंने एक सप्ताह की मोहलत मांगी है।
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शहर की सफाई व्यवस्था, डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन, अर्दली बाजार में स्लाटर हाउस के निर्माण समेत कई काम नगर निगम की ओर से कराए जा रहे हैं। नगर निगम के सूत्रों का कहना है कि अधिकारियों ने आननफानन में टेंडर कर अपने चहेतों को काम दे दिए। मेयर रामगोपाल मोहले का कहना है कि नगर निगम की ओर से जनसुविधा एवं शहर के विकास के लिए कराए जाने वाले निर्माण कार्य शुरू होने से पहले मेयर की अनुमति जरूरी होती है, लेकिन तकरीबन 30 करोड़ रुपये के ऐसे कार्य नगर निगम ने प्रारंभ करा दिए और उनकी अनुमति नहीं ली गई। इस मामले में नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही से जवाब मांगा गया है। उन्होंने एक सप्ताह की मोहलत मांगी है।
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