'अल्लाह करें ऐसी औलाद किसी को न दे': काशी पहुंचे रोहतास के बुजुर्ग का छलका दर्द, कहा-पत्नी को भी पीटता है बेटा
Varanasi News: इस घटना ने एक बार फिर बुजुर्गों के प्रति बढ़ती उपेक्षा और पारिवारिक मूल्यों में गिरावट की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन से दंपती की मदद करने की मांग की है, ताकि उन्हें सुरक्षित जीवन मिल सके।
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वाराणसी के अर्दली बाजार क्षेत्र में एक बुजुर्ग दंपती की दर्दभरी कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। सूर्यपुरा निवासी मोहम्मद इरफान बेटे की प्रताड़ना से परेशान होकर काशी पहुंचे हैं। उनकी पत्नी नहीं आईं, उन्होंने कहा कि इसी घर में ब्याह के बाद आई थी, यहीं से मेरी अर्थी भी उठेगी।
बुजुर्ग मोहम्मद इरफान ने बताया कि उनका इकलौता बेटा मोहम्मद सलीम आए दिन उन्हें और उनकी पत्नी को मारता-पीटता है। घरेलू हिंसा से परेशान होकर उन्होंने पहले कोलकाता में अपने एक रिश्तेदार के यहां शरण लेने की कोशिश की, लेकिन वहां से भी उन्हें कोई मदद नहीं मिली। इसके बाद किसी परिचित ने उन्हें काशी जाने की सलाह दी, जिस पर वे वाराणसी आ पहुंचे।
काशी आने के बाद बुजुर्ग इरफान अर्दली बाजार में एक युवक के यहां ठहरे। युवक ने उनकी स्थिति को देखते हुए समाजसेवी अमन कबीर से संपर्क किया। सूचना मिलते ही अमन कबीर मौके पर पहुंचे और दोनों से पूरी घटना की जानकारी ली। बुजुर्ग इरफान की आपबीती सुनकर वह भी भावुक हो उठे।
मोहम्मद इरफान ने बताया कि जिस बेटे को उन्होंने पाल-पोसकर बड़ा किया, वही आज उनके साथ मारपीट करता है। उन्होंने कहा कि जीवन के इस पड़ाव पर ऐसी पीड़ा झेलना बेहद दुखद है। उनकी पत्नी साथ नहीं आईं। उन्होंने साफ कह दिया कि वे अपने घर में ब्याह करके आई थीं, यहां से अब मेरी अर्थी ही जाएगी।
समाजसेवी अमन कबीर ने बताया कि इस मामले में रोहतास पुलिस से संपर्क कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोगों तक यह मामला पहुंचाया जाएगा, ताकि दंपती को हर संभव सहायता मिल सके।