मौनी अमावस्या : विश्वनाथ धाम पहुंचे 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालु, 7 दिन में पहुंचे 38 लाख भक्त; यहां देखें आंकड़े
काशी विश्वनाथ धाम में माैनी अमावस्या के दिन भक्तों की भारी भीड़ रही। पुलिस प्रशासन भीड़ की व्यवस्थाओं को प्रबंधन कर रहा था। वहीं, परिसर में आने वाले भक्ताें को विधि-विधान से दर्शन-पूजन करवाया गया।
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Mauni Amavasya : महाकुंभ पलट प्रवाह और मौनी अमावस्या पर बाबा विश्वनाथ दरबार में हर वीआईपी और आम भक्त एक समान नजर आया। 20 घंटे में कुल 8-10 लाइनों में लगे 5 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन कर लिया।
सड़कों-गलियों के अलावा सभी 84 घाटों से स्नान करने के बाद श्रद्धालु बजड़ा बुक करके धाम के लिए पहुंचे। अस्सी घाट हो या नमो घाट हर कोई विश्वनाथ धाम जाने के लिए नावों पर सवार हो रहा था। वहीं विश्वनाथ ट्रस्ट के द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले सात दिनों में अब तक करीब 38 लाख भक्तों ने दर्शन-पूजन कर लिया है।
बुधवार को बाबा विश्वनाथ मंदिर तक पहुंचने में भक्तों को कुल 2 से 4 किमी तक पैदल चलना पड़ा। मैदागिन इलाके में भक्तों की लाइन बुलानाला तक, तो वहीं गंगा द्वार वाली लाइन त्रिपुरा भैरवी घाट तक लगी रही।
दशाश्वमेध घाट से लेकर गोदौलिया और गिरिजाघर चौराहे तक आवाजाही बंद होने से ज्यादातर भक्त लाइनों में ही लगकर बाबा का झांकी दर्शन किया। मंदिर प्रशासन की ओर से भक्तों के लिए अपील भी जारी की गई। कहा कि स्थानीय पुलिस, प्रशासन और मंदिर के निर्देशों का पालन करें। अन्य भक्तों का भी ध्यान रखते हुए संयम, भक्ति और श्रद्धा के साथ बाबा विश्वनाथ जी का दर्शन करें।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, बीते 19 दिनों में भक्तों की संख्या
- 11 जनवरी - 1,42,653
- 12 जनवरी - 3,19,381
- 13 जनवरी - 3,42,646
- 14 जनवरी - 3,61,275
- 15 जनवरी - 4,53,161
- 16 जनवरी - 3,25,737
- 17 जनवरी - 2,64,436
- 18 जनवरी - 2,41,251
- 19 जनवरी - 2,74,630
- 20 जनवरी - 2,51,693
- 21 जनवरी - 2,82,044
- 22 जनवरी - 3,78,821
- 23 जनवरी - 4,11,999
- 24 जनवरी - 4,27,882
- 25 जनवरी - 5,73,810
- 26 जनवरी - 5,57,669
- 27 जनवरी - 6,55,878
- 28 जनवरी - 5,83,251
पांच लाख लोगों ने किए बाबा विश्वनाथ के दर्शन, 10 लाख ने स्नान
महाकुंभ पलट प्रवाह और मौनी अमावस्या पर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में पांच लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने दर्शन पूजन कर लिया। सड़कों पर 1-2 किमी लंबी-लंबी लाइनें लगी थी। दशाश्वमेध घाट से लेकर गोदौलिया और गिरिजाघर चौराहे तक आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई थी।
मैदागिन इलाके में भक्तों की कतार बुलानाला तक तो वहीं गंगा द्वार वाली लाइन त्रिपुरा भैरवी घाट तक लगी रही। इसके अलावा दरबार के सभी छह गेट पर भक्तों की भारी भीड़ लगी रही। मंगला आरती से शयन आरती तक निर्बाध रूप से बाबा विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की 3-4 कतारें चलती रहीं। इसी तरह सभी घाटों पर 10 लाख से अधिक लोगों ने स्नान किया।