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यूपी: गर्भस्थ शिशु और महिला की मौत, अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ अस्पताल में हंगामा, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

Tue, 08 Dec 2020 10:52 AM IST
गीतार्जुन गौतम अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, आजमगढ़ Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Tue, 08 Dec 2020 10:52 AM IST
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Maternal death of child including pregnant child due to negligence in azamgarh up
अस्पताल में मौजूद पुलिस और परिजन। - फोटो : अमर उजाला

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में जिला महिला अस्पताल में सोमवार की देर रात एक प्रसूता की उसके गर्भस्थ शिशु समेत मौत हो गई। आरोप है कि प्रसूता अस्पताल के बेड पर तड़पती रही और पांच हजार की डिमांड न पूरी किए जाने पर न तो काई नर्स ही उसे देखने आई, न ही किसी डॉक्टर ने ही उसे देखा।

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सुबह परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में प्रदर्शन किया। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और लिखित शिकायत करने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
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जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था सुधरने का नाम नहीं ले रही है। लापरवाही का आरोप बार-बार लगता है और यहां के जिम्मेदार इससे पार नहीं पा रहे है। सिधारी थाना क्षेत्र के समेदा गांव की रहने वाली सुषमा पत्नी इंद्रजीत की डिलिवरी होनी थी। परिजन उसे लेकर रात लगभग 10 बजे महिला अस्पताल पर पहुंचे। अस्पताल पर कोई डॉक्टर नहीं मिला।
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नर्स मौजूद थी, उन्हें ही परिजनों ने सुषमा को दिखाया और डिलिवरी कराने अथवा डॉक्टर को बुलाने की मांग की। जिस पर नर्सों ने प्रसूता को बेड पर सुलाने को कहा। प्रसूता बेड पर तड़प रही थी और नर्सें अपने कक्ष में बैठी रहीं। परिजन व तीमारदार बार-बार उनके पास जा रहे थे और डॉक्टर को बुलाने की मांग कर रहे थे।

कुछ देर बाद नर्सों ने कहा कि पांच हजार रुपये दो तो ही डॉक्टर आएंगे। पैसा न देने पर डॉक्टर को नहीं बुलाया। देर रात प्रसूता की हालत बिगड़ने लगी तो परिजन फिर से नर्स के पास पहुंचे। सभी नर्स ड्यूटी रूम में सो रही थीं।

परिजनों ने किसी तरह उन्हें जगाया तो 10 हजार की डिमांड की जाने लगी। किसी तरह परिजनों ने आठ हजार रुपये एकत्र कर देने का प्रयास किया लेकिन नर्स 10 हजार से कम लेने को तैयार नहीं हुईं। इसी बीच प्रसूता की गर्भस्थ शिशु समेत अस्पताल के बेड पर तड़पते हुए मौत हो गई।

प्रसूता व गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद परिजन व तीमारदार आक्रोशित हो उठे। मंगलवार की सुबह परिजनों ने अस्पताल परिसर में ही अस्पताल प्रशासन के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे की जानकारी होते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और लिखित शिकायत करने पर कार्रवाई का आश्वासन देकर लोगों को शांत कराया।

मरीज को अस्पताल लेकर आते ही पैसे की मांग शुरू कर दी गई थी। पैसा न देने पर मेरे मरीज को बेड पर सुला कर छोड़ दिया गया था। नर्सों ने खुद मरीज को देखा न ही किसी डॉक्टर को ही बुलाया। पांच हजार रुपये की मांग की जा रही थी। 
किरन देवी, मृतका की तीमारदार। 

मरीज को लेकर पहुंचते ही नर्सों ने पांच हजार रुपये की मांग की। रात में हालत जब गंभीर हो गई तो भी उन्होंने डॉक्टर को नहीं बुलाया और डिमांड पांच हजार से बढ़ कर 10 हजार कर दिया। आठ हजार रुपये दे रहा था लेकिन 10 से कम लेने को वे तैयार नहीं हुईं। 
अरविंद, मृतका का देवर।

इंस्पेक्टर (शहर कोतवाली) ने केके गप्ता ने कहा कि डिलीवरी के लिए आई महिला व उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई। जिस पर परिजन आक्रोशित थे। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। तहरीर के आधार पर प्रसूता के शव को कब्जे में लेकर पीएम के लिए भेज दिया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

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