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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Marriage of Venkateswara and Padmavati in Kashi 11 Vedic Brahmins of Tirupati will perform 1 lakh 116 havans

Varanasi News: काशी में वेंकटेश्वर और पद्मावती का होगा विवाह, तिरुपति के 11 वैदिक ब्राह्मण एक लाख 116 हवन

Fri, 24 Oct 2025 03:18 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Fri, 24 Oct 2025 03:18 PM IST
सार

वेदवृद्धि, वेद रक्षा, धर्म रक्षा एवं लोककल्याण की कामना से काशी में पहली बार भारत को धन-धान्य से समृद्ध करने के लिए एक लाख बिल्व फल (मरेड के फलों सहित) से वैदिक यज्ञ होगा। तिरुमला तिरुपति देवस्थानम से आए 11 वैदिक ब्राह्मण प्रतिदिन 1 लाख 116 हवन कराएंगे।

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Marriage of Venkateswara and Padmavati in Kashi 11 Vedic Brahmins of Tirupati will perform 1 lakh 116 havans
यज्ञो वै विष्णु: की शुरुआत। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्र की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण के लिए श्री काशी विश्वनाथ धाम में यज्ञो वै विष्णु: की शुरुआत 24 अक्तूबर से होगी। नौ दिवसीय आयोजन के दौरान काशी में पहली बार भगवान वेंकटेश्वर और देवी पद्मावती के विवाह का अनुष्ठान होगा। इसके साथ ही श्री काशी विश्वनाथ धाम के प्रांगण में पहली बार एक लाख बिल्व फल से वैदिक यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। 

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आंध्र प्रदेश के तेलंगाना की श्री पाराशर वैदिक आगम वेद शास्त्र परिषद की ओर से होने वाले कार्यक्रम में भगवान सूर्य को समर्पित आदित्य वैभव, प्राचीन ऋषियों को स्मरण करने के लिए भारतीय ऋषि वैभव एवं तेलुगु भाषा के साहित्य एवं कला पर विमर्श करने के लिए तेलुगु वैभव का आयोजन किया गया है। 
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आचार्य पं. जगन्नाथ शास्त्री ने बताया कि श्री तिरुमला तिरुपति देवस्थानम के सौजन्य से काशी में पहली बार 30 अक्तूबर को सायं  7:30 बजे से श्री वेंकटेश्वर स्वामी और श्री पद्मावती अलीमेलुमंगा का भव्य विवाह उत्सव आयोजित किया जा रहा है। इसे दक्षिण भारत में श्रीनिवास कल्याण उत्सव भी कहा जाता है। 

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होगा विशेष पूजन

श्री काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर के सामने सभी यज्ञ होंगे। 24 अक्तूबर को प्रात : आठ बजे  सामूहिक गणपति पूजा, दीक्षा समारोह, कंकण पहनना और गणपति व्रत के साथ यज्ञ का प्रारंभ होगा। इस अवसर पर प्राचीन ऋषियों एवं वैदिक संस्कृति पर आधारित चित्र प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। प्रतिदिन सायं दक्षिण भारत के प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये जाएंगे। चक्रवर्ती विजय नावड़ ने बताया कि पूर्णाहुति के अंतिम दिन एक नवंबर को एक किलोग्राम सोने का नाग बाबा विश्वनाथ को अर्पित किया जाएगा। 

नौ दिन में होंगे 22 से ज्यादा अनुष्ठान
नौ दिवसीय अनुष्ठान के दौरान श्रीमद्भाग्वतगीता पाठ, श्रीमनरायणीयम पाठ ,संपूर्ण रामायण हरि कथागान, नीराजन मंत्र, श्री वेंकटेश्वर व्रतम, नवग्रह पूजा, विशेष शनैश्चरार्चन,श्री आदित्य व्रत, सामूहिक अर्ध्य प्रदान,श्री केदारेश्वर व्रत, कर पार्थिव शिवलिंग की पूजा, हनुमद व्रतम, श्री महाविष्णु व्रत, तुलसी दलार्चन,  शालिग्राम पूजा, श्री दत्तात्रेय व्रत गुरु पूजा, श्री दक्षिणामूर्ति स्तोत्र का पाठ, श्री ललिता व्रत, श्री ललित सहस्त्रनाम कुमकुमार्चन, श्री महालक्ष्मी स्तोत्र,सामूहिक श्री सत्यनारायण स्वामी व्रत, श्री विष्णु सहस्त्रनाम पारायण का कार्यक्रम होगा। प्रतिदिन के कार्यक्रम के दौरान अलग-अलग दिन श्री सूर्यनारायण मूर्ति शांति कल्याणोत्सव, श्री शिव पार्वती कल्याणोत्सव, श्री सुब्रमण्यम शांति कल्याणोत्सव, श्री रुक्मणि वेणुगोपाल स्वामी शांति कल्याणोत्सव, श्री सीता रामचंद्र शांति कल्याणोत्सव का आयोजन किया गया है। प्रतिदिन श्रीचक्र नवावरण अर्चना की जाएगी।

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