{"_id":"5ee3d70f8ebc3e42d643078e","slug":"marchent-city-news-vns529841331","type":"story","status":"publish","title_hn":"महीने में 12 दिन खुल रहीं दुकानें, खर्च पर नहीं लगाम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महीने में 12 दिन खुल रहीं दुकानें, खर्च पर नहीं लगाम
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वाराणसी। दाएं-बाएं नियम के तहत दुकानें सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही खुल रही हैं। ऐसे में दुकानदारों का खर्चा नहीं निकल पा रहा है। यह सोच कर व्यापारियों की मुसीबतें बढ़ती जा रही हैं। एक माह में 12 दिन दुकान खुलेंगी और खर्चा महीने भर का दुकानदारों को देना पड़ेगा। इसमें बिजली का बिल, दुकान किराया, कर्मचारियों की तनख्वाह और अन्य खर्चे बढ़ते ही जा रहे हैं। थर्मल स्क्रीनिंग, सैनिटाइज जैसे अन्य खर्चे अब बढ़ भी गए हैं। ऐसे में बहुत से दुकानदार अपनी जमा पूंजी भी तोड़ने लगे हैं। दुकान का खर्च और घर-परिवार की चिंता रात दिन सता रही है। सबसे ज्यादा टेंशन खाद्य सामग्रियों फास्ट फूड, रेस्टोरेंट, मिठाई, बेकरी से जुड़े हुए दुकानदारों को हो रही है। एक दिन बाद कच्चा माल खराब हो रहा और परेशानी अलग झेल रहे हैं।
बाहर के व्यापारी हो रहे परेशान
पूर्वांचल सहित बिहार के विभिन्न जिलों के व्यापारी और ग्राहक वाराणसी में खरीदारी के लिए आते हैं। हजार-पांच सौ रुपये किराया भाड़ा लगाकर जब यहां पहुंचते हैं तो पता चलता है कि आज बाएं लेन या दाएं लेन की दुकानें बंद है। इलेक्ट्रिकल, मोटर पार्ट्स, किराना, गल्ला, कपड़े अन्य कई तरह के थोक व फुटकर बाजार बंद होने से निराश होकर लौटते हैं।
नियम का नहीं हो रहा पालन
दाएं-बाएं का नियम इसलिए बनाया गया था कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे, लेकिन कहीं पालन नहीं हो रहा है। पूर्व की भांति लोग बाजारों में निकलने लगे हैं। भीड़ में तनिक भी कमी नहीं आई। दुकानदारों का कहना है कि दोनों तरफ दुकानें खुल जाए तो भीड़ बंट जाएगी। ऐसे में एक तरफ ही भीड़ उमड़ जा रही है।
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दुकानों के खोलने की जो मंशा जिला प्रशासन की थी, वह पूरी नहीं हुई। लिहाजा अब दोनों साइड की दुकानें खोल दी जानी चाहिए। इससे छोटे व मझोले व्यापारियों को बहुत राहत होगी। - प्रमोद अग्रहरि, महामंत्री, वाराणसी व्यापार मंडल
मिठाई, दूध से जुड़े आइटम, खाद्य सामग्रियों की बिक्री करने वाले दुकानदार तो तबाह हो जा रहे हैं। बना बनाया उनका माल दूसरे दिन दुकान बंद होने से खराब हो जा रहा है। ऐसे में व्यापारी वर्ग काफी परेशान है। - गौरव राठी, कैट प्रभारी
दाएं-बाएं नियम से व्यापारियों और ग्राहक दोनों को परेशानी हो रही है। दुकान का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। दूर दराज से आने वाले ग्राहक दुकानें बंद होने से वापस लौट जा रहे हैं। - विनय गुप्ता, मोटर पार्ट्स कारोबारी, नदेसर
12 दिन दुकानें खुल रही उसमें में बहुत बिक्री नहीं रह गई है। खर्चा दुकानों का महीने भर का है। व्यापारियों की स्थिति बहुत दयनीय हो चुकी है। जमा पूंजी तोड़ रहे अब। - अशोक जायसवाल, महामंत्री, महानगर उद्योग व्यापार समिति
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बाहर के व्यापारी हो रहे परेशान
पूर्वांचल सहित बिहार के विभिन्न जिलों के व्यापारी और ग्राहक वाराणसी में खरीदारी के लिए आते हैं। हजार-पांच सौ रुपये किराया भाड़ा लगाकर जब यहां पहुंचते हैं तो पता चलता है कि आज बाएं लेन या दाएं लेन की दुकानें बंद है। इलेक्ट्रिकल, मोटर पार्ट्स, किराना, गल्ला, कपड़े अन्य कई तरह के थोक व फुटकर बाजार बंद होने से निराश होकर लौटते हैं।
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नियम का नहीं हो रहा पालन
दाएं-बाएं का नियम इसलिए बनाया गया था कि लोग सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करेंगे, लेकिन कहीं पालन नहीं हो रहा है। पूर्व की भांति लोग बाजारों में निकलने लगे हैं। भीड़ में तनिक भी कमी नहीं आई। दुकानदारों का कहना है कि दोनों तरफ दुकानें खुल जाए तो भीड़ बंट जाएगी। ऐसे में एक तरफ ही भीड़ उमड़ जा रही है।
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दुकानों के खोलने की जो मंशा जिला प्रशासन की थी, वह पूरी नहीं हुई। लिहाजा अब दोनों साइड की दुकानें खोल दी जानी चाहिए। इससे छोटे व मझोले व्यापारियों को बहुत राहत होगी। - प्रमोद अग्रहरि, महामंत्री, वाराणसी व्यापार मंडल
मिठाई, दूध से जुड़े आइटम, खाद्य सामग्रियों की बिक्री करने वाले दुकानदार तो तबाह हो जा रहे हैं। बना बनाया उनका माल दूसरे दिन दुकान बंद होने से खराब हो जा रहा है। ऐसे में व्यापारी वर्ग काफी परेशान है। - गौरव राठी, कैट प्रभारी
दाएं-बाएं नियम से व्यापारियों और ग्राहक दोनों को परेशानी हो रही है। दुकान का खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। दूर दराज से आने वाले ग्राहक दुकानें बंद होने से वापस लौट जा रहे हैं। - विनय गुप्ता, मोटर पार्ट्स कारोबारी, नदेसर
12 दिन दुकानें खुल रही उसमें में बहुत बिक्री नहीं रह गई है। खर्चा दुकानों का महीने भर का है। व्यापारियों की स्थिति बहुत दयनीय हो चुकी है। जमा पूंजी तोड़ रहे अब। - अशोक जायसवाल, महामंत्री, महानगर उद्योग व्यापार समिति