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वाराणसी: अभिभावक बनकर केंद्रों पर पहुंचे टीका लगवाने, वापस लौटाए, कई जगह दिखी अव्यवस्था

Wed, 02 Jun 2021 12:19 AM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Wed, 02 Jun 2021 12:19 AM IST
सार

वाराणसी में कई अभिभावक स्पेशल बूथ बनाया गया है, जहां पर माता-पिता के टीकाकरण का आदेश है। तीन केंद्रों पर 300 के सापेक्ष महज 82 को ही टीका लग पाया।

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Many people went for vaccination centers as guardians but returned in varanasi
भेलूपुर स्थित स्वामी विवेकानंद अस्पताल में टीका लगवाने पहुंचे अभिभावक। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर बारह साल से कम उम्र के बच्चों के माता-पिता के टीकाकरण की व्यवस्था पहले दिन ही लड़खड़ाई नजर आई। कई लोगों को बिना टीका लगवाए लौटना पड़ा। तो कई लोगों की कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई। वहीं, अभिभावक बनकर पहुंचे लोगों के पास बच्चे के 12 साल के होने का प्रमाण भी था लेकिन माता-पिता को ही टीका लगाने के नियम की वजह से उनका टीकाकरण नहीं किया गया। अव्यवस्था की वजह से तीन केंद्रों पर निर्धारित लक्ष्य 300 के सापेक्ष केवल 82 लोगों को ही टीका लग सका।

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स्वास्थ्य विभाग की ओर से 12 साल से कम उम्र वाले बच्चों के माता-पिता के लिए मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर, शहरी सीएचसी शिवपुर में अभिभावक स्पेशल बूथ बनाया गया था। मंडलीय अस्पताल में 34, सीएचसी शिवपुर पर 28 जबकि स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर पर 20 लोगों का टीकाकरण हुआ। पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद केंद्रों पर बच्चों के माता-पिता तो पहुंचे ही बहुत से ऐसे लोग भी पहुंचे, जिनसे माता-पिता होने का प्रमाण मांगा गया तो वह नहीं दे सके। पूछे जाने पर खुद को बच्चे का अभिभावक बताया। ऐसे में उन्हें वापस कर दिया। 
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स्वामी विवेकानंद अस्पताल में उलझे लोग 
मंगलवार दोपहर स्वामी विवेकानंद अस्पताल भेलूपुर में कर्मचारियों ने अभिभावक बनकर टीका लगवाए पहुंचे लोगों को मना किया तो वह नोकझोंक करने लगे। इस बीच अधीक्षक डॉ. डीएन गुप्ता ने केवल माता-पिता के टीकाकरण की जानकारी लोगों को दी। उधर, लोग पोर्टल पर पंजीकरण कराने के बाद भी टीका न लगने के बाद व्यवस्था को दोष ठहरा रहे थे। डॉ. गुप्ता ने बताया कि ऐसे लोग जिनके पास बच्चे के माता-पिता होने का प्रमाण नहीं था, उन्हें लौटाया गया। इसी तरह की स्थिति मंडलीय अस्पताल, कबीरचौरा, शहरी सीएचसी शिवपुर में भी रही।

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पोर्टल पर माता-पिता के लिए कॉलम नहीं 
पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण के समय बच्चों के माता-पिता के लिए कोई कॉलम न होने से ही समस्या आ रही है। इस वजह से बहुत से लोगों ने पंजीकरण कराया और टीका लगवाने पहुंच गए। अगर संबंधित बच्चे के माता-पिता के लिए कोई कॉलम हो तो इस तरह की परेशानी नहीं होगी।

पांच महीने में 5.18 लाख लोगों को लगा कोरोना का टीका
कोरोना टीकाकरण की शुरूआत 16 जनवरी से सरकारी अस्पतालों, स्वास्थ्य केंद्रों पर हुई है। शुरू में तो 50 से कम केंद्र थे लेकिन अब यह संख्या 100 के पार हो गई है। कोविन पोर्टल पर पंजीकरण के बाद  शहरी और ग्रामीण इलाकों में बने केंद्रों पर लोगों को टीका लगाया जा रहा है। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि कोरोना का संक्रमण कम होने पर सरकार ने अनलॉक की प्रक्रिया शुरू कर दी है, इसके बाद पहले से और अधिक सतर्क व बचाव करने की जरूरत है।

टीकाकरण के बाद भी दोहरे मास्क, दो गज की दूरी और साबुन-पानी से बार-बार हाथ धोने की आवश्यकता है। तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की आशंका के मद्देनजर उन पर भी ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है। अगर प्रोटोकॉल का पालन किया जाए तो 90 प्रतिशत संक्रमण से बचा जा सकता है। 

अब तक इनको लगा टीका 
60 साल से अधिक--1.13 लाख 
45 से 60 साल--1.86 लाख
18 से 44 साल वाले--1.12 लाख 
फ्रंट लाइन वर्कर्स   61834
हेल्थकेयर वर्कर्स    45,007 

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