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महाश्मशान पर हड़ताल, लग गई शवों की कतार
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वाराणसी। मोक्ष नगरी काशी में शनिवार को अतिक्रमण हटाने के विरोध में लकड़ी के दुकानदारों पर हड़ताल से महाश्मशान पर शवों की कतार लग गई। सदियों से मणिकर्णिका पर अनवरत जलने वाली चिताओं की आग पांच घंटे तक ठंडी रही। शवदाह के लिए आए लोगों को शव लेकर वापस हरिश्चंद्र घाट पर लौटना पड़ा। विरोध को देखते हुए नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी। इसके बाद दुकानदार शांत हुए और शवदाह शुरू कराया गया।
नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता शनिवार को मणिकर्णिका घाट पर विभूति नारायण सिंह उर्फ बबलू सिंह की लकड़ी की दुकान हटाने पहुंचा। कार्रवाई का विरोध करते हुए के लकड़ी दुकानदारों ने दुकानों पर ताला जड़ दिया। चाय, पान और अन्य दुकानदारों ने भी दुकानें बंद कर विरोध शुरू कर दिया। इसके कारण शवदाह के लिए दोपहर में पहुंचे लोगों को लकड़ी नहीं मिली और कचौड़ी गली से लेकर मणिकर्णिका घाट तक शवों की कतार लग गई।
काफी जद्दोजहद के बाद जब मामला नहीं सुलझा तो लोग शव लेकर हरिश्चंद्र घाट की तरफ जाने लगे। उधर, हंगामे को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई। दोपहर एक बजे शुरू हुआ हंगामा शाम सात बजे तक जारी रहा। इसे देखते हुए नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी और दुकानदारों को समझाबुझाकर दुकानें खुलवाई गईं। मौके पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव विशाल सिंह, तहसीलदार विनय राय मौजूद रहे।
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बताते चलें कि पूर्वांचल समेत बिहार से लोग मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए आते हैं। बाढ़ के कारण घाट पर मिट्टी होने से लोगों को शवदाह के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा है। साथ ही आसपास विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर होने से मलबा पड़ा है। इससे भी दिक्कत हो रही है।
नजूल की जमीन पर हुआ है कब्जा
तहसीलदार विनय राय ने बताया कि नजूल की जमीन पर कब्जा किया गया है, इसे हटाया जा रहा है। एक निर्माण भी है, जिसे लकड़ी हटाने के बाद ध्वस्त किया जाएगा। विश्वनाथ धाम की जमीन पर भी लकड़ियां रखी जा रही हैं। यह कार्यवाही जिलाधिकारी के आदेश पर की जा रही है।
अपराधियों पर भी नहीं होती है ऐसे कार्रवाई
विभूति नारायण ने बताया कि बिना नोटिस के नगर निगम अतिक्रमण ढहाने पहुंच गया। त्योहार के दिन जिस तरह से कार्रवाई की जा रही है वह ठीक नहीं है। ऐसा व्यवहार किसी अपराधी के साथ भी नहीं होता है। उन्होंने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नीलकंठ तिवारी को इस मामले की जानकारी दी है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि 27 को काशी लौटने पर इस मामले में बात करेंगे। बबलू के अनुसार, विभाग ने 18 और 19 को नोटिस जारी कर बताया था कि नजूल को खारिज कर दिया गया है। लेकिन दूसरे दिन मुकदमा दर्ज करा दिया गया। दस्ते ने लकड़ियां जब्त कर लीं और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।
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नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता शनिवार को मणिकर्णिका घाट पर विभूति नारायण सिंह उर्फ बबलू सिंह की लकड़ी की दुकान हटाने पहुंचा। कार्रवाई का विरोध करते हुए के लकड़ी दुकानदारों ने दुकानों पर ताला जड़ दिया। चाय, पान और अन्य दुकानदारों ने भी दुकानें बंद कर विरोध शुरू कर दिया। इसके कारण शवदाह के लिए दोपहर में पहुंचे लोगों को लकड़ी नहीं मिली और कचौड़ी गली से लेकर मणिकर्णिका घाट तक शवों की कतार लग गई।
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काफी जद्दोजहद के बाद जब मामला नहीं सुलझा तो लोग शव लेकर हरिश्चंद्र घाट की तरफ जाने लगे। उधर, हंगामे को देखते हुए मौके पर पुलिस तैनात कर दी गई। दोपहर एक बजे शुरू हुआ हंगामा शाम सात बजे तक जारी रहा। इसे देखते हुए नगर निगम ने कार्रवाई रोक दी और दुकानदारों को समझाबुझाकर दुकानें खुलवाई गईं। मौके पर वाराणसी विकास प्राधिकरण के सचिव विशाल सिंह, तहसीलदार विनय राय मौजूद रहे।
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बताते चलें कि पूर्वांचल समेत बिहार से लोग मणिकर्णिका घाट पर शवदाह के लिए आते हैं। बाढ़ के कारण घाट पर मिट्टी होने से लोगों को शवदाह के लिए स्थान नहीं मिल पा रहा है। साथ ही आसपास विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर होने से मलबा पड़ा है। इससे भी दिक्कत हो रही है।
नजूल की जमीन पर हुआ है कब्जा
तहसीलदार विनय राय ने बताया कि नजूल की जमीन पर कब्जा किया गया है, इसे हटाया जा रहा है। एक निर्माण भी है, जिसे लकड़ी हटाने के बाद ध्वस्त किया जाएगा। विश्वनाथ धाम की जमीन पर भी लकड़ियां रखी जा रही हैं। यह कार्यवाही जिलाधिकारी के आदेश पर की जा रही है।
अपराधियों पर भी नहीं होती है ऐसे कार्रवाई
विभूति नारायण ने बताया कि बिना नोटिस के नगर निगम अतिक्रमण ढहाने पहुंच गया। त्योहार के दिन जिस तरह से कार्रवाई की जा रही है वह ठीक नहीं है। ऐसा व्यवहार किसी अपराधी के साथ भी नहीं होता है। उन्होंने राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार नीलकंठ तिवारी को इस मामले की जानकारी दी है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि 27 को काशी लौटने पर इस मामले में बात करेंगे। बबलू के अनुसार, विभाग ने 18 और 19 को नोटिस जारी कर बताया था कि नजूल को खारिज कर दिया गया है। लेकिन दूसरे दिन मुकदमा दर्ज करा दिया गया। दस्ते ने लकड़ियां जब्त कर लीं और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी।