फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Manikarnika and Harishchandra Ghat work not be completed even in 23 months in Varanasi

ये कैसा निर्माण: काशी में महाश्मशान घाटों पर छह महीने का काम 23 महीने में भी नहीं हुआ पूरा, इन पर पड़ रहा असर

Thu, 26 Jun 2025 11:00 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 26 Jun 2025 11:00 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर जुलाई 2023 में निर्माण कार्य शुरू हुआ था। हैरान करने वाली बात ये है कि इन घाटों पर छह महीने का काम 23 महीने में भी पूरा नहीं हो सका। 

विज्ञापन
Manikarnika and Harishchandra Ghat work not be completed even in 23 months in Varanasi
मणिकर्णिका घाट पर चल रहा निर्माण कार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी शहर के दो महाश्मशान घाटों पर दाह संस्कार को बेहतर करने का काम 6 महीने में पूरा होना था, लेकिन 23 महीने में भी ये कार्य पूरे नहीं हो सके। इसके चलते न केवल नगर निगम को राजस्व की क्षति हो रही है बल्कि आर्थिक रूप से कमजोर लोगों की जेब पर भी असर पड़ रहा है। कार्यदायी एजेंसी को मार्च 2025 तक कार्य को पूरा करके देना था।

विज्ञापन


मोक्ष की प्राप्ति के लिए मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर होने वाले दाह संस्कार के लिए विश्व भर से लोग आते हैं। पहले हरिश्चंद्र घाट पर पहले बिजली से बाद में गैस आधारित शवदाह संयंत्र लगाया गया था। जो बेहतर ढंग से काम भी कर रहा था। आर्थिक रूप से कमजोर लोग 500 रुपये की रसीद नगर निगम की ओर से रखे कर्मचारी के यहां कटवाते थे। प्रतिदिन निगम में 5 से 7 शवों को जलाने का पैसा आता था। 
विज्ञापन


अब संयंत्र न होने के कारण वे लकड़ियों पर शवों का दाह संस्कार कराने को मजबूर हैं। इस पर कम से कम 8000 रुपये प्रति शव जलाने का खर्च आ रहा है। कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) के तहत मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर काम चल रहा है। करोड़ों की लागत से घाटों के विकास के कई कार्य बाकी हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें; Rathyatra Mela: सीसी कैमरे से नजर, ड्रोन से निगरानी; रथयात्रा मेले में सादे कपड़ों में तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी

जुलाई 2023 में दोनों घाटों पर शुरू हुआ था काम 

मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट के पुर्नविकास कार्य की शुरुआत जुलाई 2023 में हुई थी। इसके बाद इन घाटों को भव्य रूप देने के लिए काम शुरू हुआ था। गंगा में पानी बढ़ने लगा तो मणिकर्णिका घाट के लेआउट में बदलाव किया गया। हरिश्चंद्र घाट पर दाह संस्कार के अलावा गंगा घाट पर पंजीकरण रूम, सामुदायिक वेटिंग हॉल, एक बड़ा हॉल, सामुदायिक शौचालय, रैंप, स्टोर रूम, फूड कोड, सर्विस एरिया और गंदगी और लकड़ी के लिए अलग सी व्यवस्था की गई। यह पूरा काम रूपा फाउंडेशन के सीएसआर फंड से किया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed