मणि मंजरी राय आत्महत्या केसः न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ जारी की कुर्की की उद्घोषणा
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बलिया के मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय की मौत के मामले में न्यायालय ने आरोपियों के खिलाफ कुर्की की उद्घोषणा जारी कर दी है। गौरतलब हो कि मामले में मणि मंजरी के भाई ने चेयरमैन मनियर नगर पंचायत, ईओ सिकंदरपुर, चालक व नगर पंचायत मनियर के टैक्स व कंप्यूटर बाबू पर आरोप लगाया था कि इन लोगों ने उसे आत्महत्या के लिए मजबूर किया। मामले में पुलिस चालक को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। इस बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने टैक्स बाबू विनोद सिंह की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है, शर्त ये है कि ये मामले की जांच में जांच अधिकारी का सहयोग करेंगे।
बलिया शहर कोतवाली प्रभारी विपिन सिंह ने बताया कि न्यायालय की अनुमति मिल गई है। जल्द ही विधि के अनुसार उद्घोषणा संबंधी कार्यवाही शुरू की जाएगी। मणि मंजरी के लाक मोबाइल फोन को खोलने के लिए भी कवायद तेज कर दी गई है। मोबाइल फोन संबंधी विवरण को अहमदाबाद के फॉरेंसिक विशेषज्ञों को भेजा गया है।
बता दें कि मनियर नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी मणि मंजरी राय ने बीते छह जुलाई की रात बलिया शहर के आवास विकास कॉलोनी स्थित आवास में फांसी लगा ली थी। गाजीपुर के भांवरकोल थाना क्षेत्र के कनुवान गांव निवासी मणि मंजरी के भाई विजया नंद राय ने बलिया शहर कोतवाली में मनियर नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता, सिकंदरपुर नगर पंचायत के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी संजय राव, मनियर नगर पंचायत के टैक्स लिपिक विनोद सिंह, कंप्यूटर ऑपरेटर अखिलेश, चालक चंदन व कुछ अज्ञात लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया था।
मामले में आरोपी नगर पंचायत के निवर्तमान अध्यक्ष भीम गुप्ता व सिकंदरपुर नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी संजय कुमार राव भी इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में पहुंचे हैं। हालांकि अभी उन्हें वहां से राहत नहीं मिली है।