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जाम से मंडुवाडीह बाजार की तरक्की जाम
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वाराणसी। शहर में महत्वपूर्ण स्थान मंडुवाडीह बाजार में सुविधाओं का अकाल है। मूलभूत सुविधाओं की कमी और जाम के चलते बाजार की रौनक जहां खत्म होती जा रही है, वहीं ग्राहकों का रुझान भी कम होता जा रहा है। छोटी-बड़ी मिलाकर 250 दुकानों वाले इस बाजार में ग्राहकों की सुविधाओं के लिए एक शौचालय तक नहीं है।
व्यापारियों की मांग व शिकायतों के बावजूद न तो शौचालय की व्यवस्था हुई और न ही स्वच्छ पेयजल आदि सुविधाएं ग्राहकों को मुहैया हो सकी हैं। दुकानों के सामने वाहनों के खड़े होने पर ग्राहकों को ई-चालान का मैसेज ने धीरे-धीरे बाजार से ग्राहकों की संख्या घटा दी है। पार्किंग की व्यवस्था न होने से व्यापारियों का व्यापार जहां अब दम तोड़ रहा है तो वहीं जिला प्रशासन की ओर से व्यापारियों को कोई ठोस मदद भी नहीं मिल पा रही है। व्यापारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटी नाली और समय पर कूड़ा उठान नहीं होने से बाजार का स्वरूप बिगड़ रहा है।
मूलभूत सुविधाओं से वंचित बाजार में ग्राहकों का रुझान कम होता जा रहा है। समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में और भी दुश्वारियां झेलनी पड़ सकती है।
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त्रिलोकी नाथ गुप्ता, व्यापारी
महिलाओं के लिए इस बाजार में शौचालय तक नहीं है, पुरुषों के लिए यूरिनल की भी व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई अब तक नहीं हो सकी।
शक्ति जायसवाल, व्यापारी, मंडुवाडीह
बाजार की सुविधाओं पर प्रशासन ने कभी ध्यान नहीं दिया। पार्किंग न होने से व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी होती है। इसके कारण बाजार में आने से ग्राहक कतराने लगे हैं।
संजय हिरानी, व्यापारी, मंडुवाडीह
दुकानों के बाहर खड़े वाहनों का चालान होने के डर ग्राहक बाजार से अब दूरी बना रहे हैं। बाजार में सुरक्षा के खास इंतजाम नहीं हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
सुक्खू सिंह, व्यापारी
बाजार में असुविधाओं का बोलबाला। अब ग्राहक कम होेते जा रहे हैं। कई बार प्रशासन को पत्र लिखकर सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई। लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
संदीप गुप्ता, व्यापारी
बाजार में शौचालय की कमी ग्राहकों को प्रभावित करती है। अतिक्रमण और जाम से बाजार टूट रहा है। स्मार्ट सिटी जैसी सरकारी योजनाएं मानों इस क्षेत्र में लागू ही नहीं की जा रही हैं।
बबलू गुप्ता, व्यापारी
कई बार प्रशासन से शौचालय निर्माण करने व अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। लेकिन मांग अनसुनी कर दी गई। सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त, टूटी नाली से आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा रहता है।
विपिन पाल, व्यापारी
बाजार में पार्किंग की सुविधा न होना ग्राहकों की मुश्किलों को और बढ़ाती हैं। यही कारण है कि ग्राहक अब इस बाजार से दूरी बनाने लगे हैं। समय पर कूड़ा उठान नहीं होने से दुर्गंध फैली रहती है।
ऋषभ जायसवाल, व्यापारी
प्रमुख समस्याएं
-पूरे बाजार में पार्किंग का इंतजाम नहीं
-शुद्ध पेयजल की किल्लत
- शौचालय और साफ-सफाई का अभाव
- सड़क की पटरियां हैं क्षतिग्रस्त
- पार्किंग की सुविधा न होना।
सुझाव
- मंडुवाडीह फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग स्थल बनाया जाए
- बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो
- महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था हो
- सुरक्षा के बाबत पुलिस की गश्त रात में तेज हो
- क्षतिग्रस्त पटरियों का इंटरलाकिंग किया जाए
- बाजार को आकर्षक बनाने के लिए सुंदरीकरण किया जाए
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व्यापारियों की मांग व शिकायतों के बावजूद न तो शौचालय की व्यवस्था हुई और न ही स्वच्छ पेयजल आदि सुविधाएं ग्राहकों को मुहैया हो सकी हैं। दुकानों के सामने वाहनों के खड़े होने पर ग्राहकों को ई-चालान का मैसेज ने धीरे-धीरे बाजार से ग्राहकों की संख्या घटा दी है। पार्किंग की व्यवस्था न होने से व्यापारियों का व्यापार जहां अब दम तोड़ रहा है तो वहीं जिला प्रशासन की ओर से व्यापारियों को कोई ठोस मदद भी नहीं मिल पा रही है। व्यापारियों के अनुसार क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटी नाली और समय पर कूड़ा उठान नहीं होने से बाजार का स्वरूप बिगड़ रहा है।
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मूलभूत सुविधाओं से वंचित बाजार में ग्राहकों का रुझान कम होता जा रहा है। समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले दिनों में और भी दुश्वारियां झेलनी पड़ सकती है।
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त्रिलोकी नाथ गुप्ता, व्यापारी
महिलाओं के लिए इस बाजार में शौचालय तक नहीं है, पुरुषों के लिए यूरिनल की भी व्यवस्था नहीं है। कई बार शिकायत की गई लेकिन कोई सुनवाई अब तक नहीं हो सकी।
शक्ति जायसवाल, व्यापारी, मंडुवाडीह
बाजार की सुविधाओं पर प्रशासन ने कभी ध्यान नहीं दिया। पार्किंग न होने से व्यापारियों और ग्राहकों को परेशानी होती है। इसके कारण बाजार में आने से ग्राहक कतराने लगे हैं।
संजय हिरानी, व्यापारी, मंडुवाडीह
दुकानों के बाहर खड़े वाहनों का चालान होने के डर ग्राहक बाजार से अब दूरी बना रहे हैं। बाजार में सुरक्षा के खास इंतजाम नहीं हैं। प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है।
सुक्खू सिंह, व्यापारी
बाजार में असुविधाओं का बोलबाला। अब ग्राहक कम होेते जा रहे हैं। कई बार प्रशासन को पत्र लिखकर सुविधाएं बढ़ाने की मांग की गई। लेकिन इस और ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
संदीप गुप्ता, व्यापारी
बाजार में शौचालय की कमी ग्राहकों को प्रभावित करती है। अतिक्रमण और जाम से बाजार टूट रहा है। स्मार्ट सिटी जैसी सरकारी योजनाएं मानों इस क्षेत्र में लागू ही नहीं की जा रही हैं।
बबलू गुप्ता, व्यापारी
कई बार प्रशासन से शौचालय निर्माण करने व अतिक्रमण हटाने की मांग की गई। लेकिन मांग अनसुनी कर दी गई। सड़क की पटरियां क्षतिग्रस्त, टूटी नाली से आए दिन दुर्घटनाओं का अंदेशा रहता है।
विपिन पाल, व्यापारी
बाजार में पार्किंग की सुविधा न होना ग्राहकों की मुश्किलों को और बढ़ाती हैं। यही कारण है कि ग्राहक अब इस बाजार से दूरी बनाने लगे हैं। समय पर कूड़ा उठान नहीं होने से दुर्गंध फैली रहती है।
ऋषभ जायसवाल, व्यापारी
प्रमुख समस्याएं
-पूरे बाजार में पार्किंग का इंतजाम नहीं
-शुद्ध पेयजल की किल्लत
- शौचालय और साफ-सफाई का अभाव
- सड़क की पटरियां हैं क्षतिग्रस्त
- पार्किंग की सुविधा न होना।
सुझाव
- मंडुवाडीह फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग स्थल बनाया जाए
- बाजार में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था हो
- महिलाओं के लिए शौचालय की व्यवस्था हो
- सुरक्षा के बाबत पुलिस की गश्त रात में तेज हो
- क्षतिग्रस्त पटरियों का इंटरलाकिंग किया जाए
- बाजार को आकर्षक बनाने के लिए सुंदरीकरण किया जाए