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मालेगांव ब्लास्ट: आरोपी का खुलासा- साध्वी प्रज्ञा को जांच अधिकारियों ने दिखाई थी अश्लील फोटो
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Tue, 24 Oct 2017 02:33 PM IST
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जमानत पर छूटे सुधाकर चतुर्वेदी
- फोटो : अमर उजाला
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2008 में हुए मालेगांव बम विस्फोट मामले में जमानत पर छूटे सुधाकर चतुर्वेदी ने वाराणसी में प्रेसवार्ता कर कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं। उन्होंने कहा कि मालेगांव बम विस्फोट प्रकरण में निरपराध हिंदुत्ववादियों को फंसाया गया। इसके लिए तत्कालीन गठबंधन वाली कांग्रेस सरकार ने षड्यंत्र रचा।
सोमवार को पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता के दौरान चतुर्वेदी ने कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी फंसाने की साजिश रची गई थी। मगर, ठोस सबूतों के अभाव में अधिकारी अपने मन की नहीं कर सके।
मालेगांव विस्फोट मामले में नौ साल बाद जमानत पर छूटे मिर्जापुर जिले के मूल निवासी सुधाकर ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा को जांच अधिकारियों ने अश्लील फोटो और सिनेमा दिखाकर प्रताड़ित किया था। पूछताछ के दौरान खाना नहीं दिया जाता था और करेंट के शॉक दिए जाते थे।
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उन्होंने कहा कि मालेगांव में उन्हें और अन्य लोगों को झूठा फंसाने की साजिश कांग्रेस नेताओं ने जांच अधिकारियों ने मिलकर रची थी। उन्हें गिरफ्तार करने के बाद उनके परिवार को बहुत सताया गया।
उन्होंने कहा कि अब वो पूर्वांचल के प्रत्येक जिले में जाकर मीडिया के माध्यम से असलियत सामने लाएंगे। बताया कि वो अभिनव भारत संस्था से जुड़े हुए हैं और अक्तूबर 2008 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
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सोमवार को पराड़कर भवन में प्रेसवार्ता के दौरान चतुर्वेदी ने कहा कि इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी फंसाने की साजिश रची गई थी। मगर, ठोस सबूतों के अभाव में अधिकारी अपने मन की नहीं कर सके।
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मालेगांव विस्फोट मामले में नौ साल बाद जमानत पर छूटे मिर्जापुर जिले के मूल निवासी सुधाकर ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा को जांच अधिकारियों ने अश्लील फोटो और सिनेमा दिखाकर प्रताड़ित किया था। पूछताछ के दौरान खाना नहीं दिया जाता था और करेंट के शॉक दिए जाते थे।
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उन्होंने कहा कि मालेगांव में उन्हें और अन्य लोगों को झूठा फंसाने की साजिश कांग्रेस नेताओं ने जांच अधिकारियों ने मिलकर रची थी। उन्हें गिरफ्तार करने के बाद उनके परिवार को बहुत सताया गया।
उन्होंने कहा कि अब वो पूर्वांचल के प्रत्येक जिले में जाकर मीडिया के माध्यम से असलियत सामने लाएंगे। बताया कि वो अभिनव भारत संस्था से जुड़े हुए हैं और अक्तूबर 2008 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था।