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काशी में भी होगी मखाने की खेती: दरभंगा से आएगा बीज, 10 हेक्टेयर में की जाएगी खेती; किसानों ने कराए पंजीकरण

Sat, 07 Sep 2024 05:32 PM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Sat, 07 Sep 2024 05:32 PM IST
सार

वाराणसी में भी अब मखाना की खेती की जाएगी। पहली बार 10 हेक्टेयर में मखाना की खेती कराने की तैयारी है। इसके लिए मखाना अनुसंधान संस्थान दरभंगा से बीज आएगा।  

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Makhana will be cultivated in 10 hectares in Varanasi
मखाना - फोटो : istock

विस्तार

वाराणसी जिले के किसान अब मखाने की फसल भी तैयार करेंगे। पहली बार इसकी खेती करवाने की तैयारी है। इसके लिए किसानों को ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके बाद उनको 10 हेक्टेयर में खेती करवाने के लिए बीज दिया जाएगा।

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एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत दूसरे प्रांतों में होने वाली फसलों को भी यहां उगाया जा रहा है। पिछले साल बरसाती प्याज, स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू हुई थी। इस बार मखाने व पान की खेती शुरू कराई जा रही है। जिला उद्यान अधिकारी सुभाष कुमार ने बताया कि पहली बार 10 हेक्टेयर में मखाने की बुआई कराई जाएगी। जिन किसानों के पास तालाब है, वे इसको लगा सकते हैं। पंजीकरण शुरू हो गया है। अभी 10 किसानों ने पंजीकरण कराया है।
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उन्होंने बताया कि अक्तूबर में ट्रेनिंग दी जाएगी। मखाना अनुसंधान संस्थान (दरभंगा, बिहार) से बीज मंगाया जाएगा। एक हेक्टेयर में 80 किलो से एक क्विंटल बीज और 80 हजार रुपये की लागत लगेगी। इसमें से 50 फीसदी अनुदान दिया जाएगा।

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पहली बार शुरू हुई पान की भी खेती

दुनिया में मशहूर बनारसी पान को भी बढ़ाया जा रहा है। सुभाष कुमार ने बताया कि शासन ने पहली बार पान की खेती के लिए लक्ष्य दिया है। इसके तहत आठ किसानों ने पान की खेती की है। शासन स्तर पर जिले में सिंघाड़े की भी खेती शुरू कराई जाएगी। दोनों में 50 फीसदी अनुदान दिया जाता है।

क्या कहते हैं अधिकारी
किसानों की आय बढ़ाने के लिए दूसरे प्रांतों व जिलों में होने वाले खेती भी कराई जा रही है। इसके लिए किसानों को प्रेरित किया जा रहा है। ताकि वह मखाने, पान व स्ट्रॉबेरी आदि की खेती करें। -सुभाष कुमार, जिला उद्यान अधिकारी
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