Exclusive: 15 कर्मचारियों ने लगाया VDA को चूना, अवैध निर्माण होने दिए, जानबूझकर नहीं की कोर्ट केस की पैरवी
वीडीए को चूना लगाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ पहली बार बड़ा एक्शन लिया गया है। 15 कर्मचारियों ने वीडीए को चूना लगाया। इन्होंने शहर के विभिन्न हिस्सों में अवैध निर्माण होने दिए। इतना ही नहीं कोर्ट केस की पैरवी जानबूझकर नहीं की और डीजल-पेट्रोल पर ज्यादा खर्च किया। लगातार इनकी शिकायत मिल रही थी।
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विस्तार
जानबूझकर अवैध निर्माण होने देने और ज्यादा डीजल-पेट्रोल खर्च किए जाने सहित अलग- अलग आरोपों में वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) के 15 कर्मियों के खिलाफ पहली बार बड़ी कार्रवाई की गई है।
डिमोशन के साथ ही वेतन वृद्धि रोक दी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई है। वीडीए उपाध्यक्ष को कर्मियों के खिलाफ गंभीर शिकायतें मिली थीं। आरोप था कि कुछ कर्मचारी जानबूझकर अपना काम ठीक से नहीं कर रहे हैं। भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। न्यायालय में कमजोर पैरवी के जरिये बीडीए के महत्वपूर्ण केस जानबूझकर हार जा रहे हैं। विज्ञापन बिलों का भुगतान बिना सत्यापन कर रहे हैं। इसकी गोपनीय स्तर पर जांच कराई गई और मामला सही पाया गया।
वीडीए कर्मी, जिनके खिलाफ हुई कार्रवाई
रवींद्र कुमार श्रीवास्तव, वाहन चालकः डीजल और पेट्रोल मद में ज्यादा खर्च को जानबूझकर नजरअंदाज करने के आरोप में अस्थायी तौर पर तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई।
विजय कुमार, डिमॉलिशन गैंगमैनः अवैध निर्माण कराने वालों से मिलीभगत के आरोप में एक बार्षिक वेतन वृद्धि स्थायी तौर पर रोकी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि भी मिली।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, सर्वे खलासीः अवैध अतिक्रमण और कब्जों को हटाने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाकर अस्थायी तौर से तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई।
जयप्रकाश नारायण सिंह, चपरासीः टेंट सिटी की चेक लिस्ट से संबंधित झूठी जानकारी देने के आरोप में अस्थायी तौर से तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
दिनेश कुमार यादव, सर्वे खलासीः नोटिसों का तामिला न कराने के आरोप में अस्थायी तौर पर तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के साथ ही प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
रमेश प्रसाद, वर्क सुपरवाइजर: अवैध निर्माण की जानकारी देने में लापरवाही और उसे बढ़ावा देने के आरोप में अस्थायी तौर पर तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि मिली।
राम जूठन यादव, रेंट कलेक्टरः लक्ष्य से कम वसूली और दायित्वों को को निभाने में नाकामी का आरोप लगाते हुए उन्हें मूल वेतन पर वापस भेजा गया।
अनिरुद्ध पांडेय, चपरासीः विभागीय कामकाज और दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही का आरोप लगाकर तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई।
अनिल कुमार श्रीवास्तव, रेंट कलेक्टरः लक्ष्य से कम वसूली, कारण बताओ नोटिस का जवाब न देने के आरोप में प्रारंभिक मूल वेतन पर वापस भेजा।
अजय कुमार, कनिष्ठ लिपिकः विज्ञापन बिलों का सत्यापन न कराने और भुगतान करने के आरोप में मूल वेतन पर बापस भेजा गया। प्रतिकूल प्रविष्टि भी दी गई।
ब्रजेश चन्द्र कुशवाहा, रेंट कलेक्टरः आर्थिक नुकसान पहुंचाने के आरोप में अस्थायी प्रभाव से तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। प्रतिकूल प्रविष्टि भी मिली।
रणधीर सिंह, रेंट कलेक्टरः लक्ष्य से कम वसूली और स्पष्टीकरण, में गलत जानकारी देने के आरोप में प्रारंभिक मूल वेतन पर वापस भेजा गया।
प्रवेश कुमार यादव, कनिष्ठ लिपिकः विज्ञापन से संबंधित विलों का भुगतान न करने और अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी के आरोप में अस्थायी तौर पर तीन वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई। विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई ।
अधिकारी बोले
वीडीए उपाध्यक्ष ने कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की है। कर्मियों ने अपना पक्ष रखा है। पूरे मामले की रिपोर्ट तलब की गई है। सरकारी कामकाज में लापरवाही या फिर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। -कौशलराज शर्मा, मंडलायुक्त