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Varanasi News: 'जो अल्लाह से डरता है वो किसी से नहीं डरता', जिलकादा के आखिरी जुमेरात पर मजलिस; हुई दुआख्वानी
Fri, 07 Jun 2024 06:46 PM IST
अमन विश्वकर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: अमन विश्वकर्मा
Updated Fri, 07 Jun 2024 06:46 PM IST
सार
Varanasi News: फरमान हैदर ने शहर के मुस्लिम भाइयों से अपील की है की सात जून को जुमे के दिन बकरीद का चांद होने की संभावना है। लोगों से गुजारिश है कि चांद देखकर उसकी सूचना अपने मस्जिद के पेश ए इमाम को या कमेटी के सदस्यों को दें।
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दुआखानी करते अजादर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिया जामा मस्जिद के हाजी फरमान हैदर ने कहा कि जो अल्लाह से डरता है वो किसी से नहीं डरता है। बंदों की खिदमत वही करता है जो अपने रब की इबादत करता है। वह गुरुवार को जिलकादा के आखिरी जुमेरात पर दरगाह-ए-फातमान में मजलिस को खिताब कर रहे थे। इमाम हुसैन की शहादत का वाकिया सुनकर सभी की आंखें नम हो गईं।
आखिरी जुमेरात पर शिया समुदाय ने मजलिस और दुआख्वानी के जरिये इमाम खुमैनी और इब्राहिम रईसी को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में लोगों ने दुआख्वानी में हिस्सा लिया। कलाम पेश करने वालों में नजाकत बनारसी, समर बनारसी, हैदर मौलाई शामिल रहे।
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आखिरी जुमेरात पर शिया समुदाय ने मजलिस और दुआख्वानी के जरिये इमाम खुमैनी और इब्राहिम रईसी को खिराज-ए-अकीदत पेश की गई। इस अवसर पर बड़ी तादाद में लोगों ने दुआख्वानी में हिस्सा लिया। कलाम पेश करने वालों में नजाकत बनारसी, समर बनारसी, हैदर मौलाई शामिल रहे।
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हजरत अब्बास के रौजे
पर नौहा मातम के साथ लोगों ने फातिहा पढ़ी। दूसरी ओर पठानीटोला में प्रो. अजीज हैदर के संयोजन में मौलाना अकील हुसैनी ने मजलिस को खिताब किया। शफीक हैदर और अतश बनारसी ने कलाम पेश किया। अंजुमन सज्जादिया ने नौहा व मातम किया। शिवपुर, अर्दली बाजार, दोषीपुरा, सदर इमामबाड़ा, लाटसरैया, शिवाला, दालमंडी में भी शाम की नमाज के बाद दुआख्वानी का आयोजन हुआ।