{"_id":"675b257578e4e574480f5629","slug":"mahindra-kabira-festival-will-be-organized-on-the-banks-of-ganga-from-today-varanasi-news-c-20-vns1022-820846-2024-12-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: आज से गंगा के तट पर सजेगा महिंद्रा कबीरा फेस्टिवल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: आज से गंगा के तट पर सजेगा महिंद्रा कबीरा फेस्टिवल
विज्ञापन
गुलेरिया कोठी, शिवाला घाट और पंचगंगा पर होंगे आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। काशी के सांस्कृतिक आयोजन महिंद्रा कबीर फेस्टिवल के आठवें संस्करण का आयोजन शुक्रवार काे गंगा के तट पर होगा। गुलेरिया कोठी, पंचगंगा और शिवाला घाट पर विविध आयोजन होंगे।
पहले दिन की शुरूआत शाम को गंगा आरती के साथ होगी। तीन दिवसीय उत्सव संगीत, साहित्य, और आध्यात्मिकता का एक अद्भुत संगम है। इसमें 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि कबीर के अनंत ज्ञान का जश्न मनाया जाएगा।
सांस्कृतिक प्रसार प्रमुख जय शाह ने बताया कि संत कबीर के विचारों को विभिन्न तरीकों से फिर से देखने के लिए संगीत की विभिन्न विधाओं, साहित्य सत्रों और धरोहर सैर के माध्यम से महसूस करना अनोखा अनुभव होगा।
विज्ञापन
फेस्टिवल में विविध संगीत प्रदर्शन, कर्नाटक संगीत, अर्ध-शास्त्रीय, सूफी, इंडी फ्यूजन, शास्त्रीय और लोक संगीत सहित विभिन्न शैलियों के संगीतकार प्रस्तुति देंगे। साहित्य सत्र में कबीर के जीवन, दर्शन और कविताओं पर गहन चर्चाएं होंगी।
-- -
गंगा आरती से होगी शुरूआत
तीन दिवसीय फेस्टिवल में गंगा नदी के तट पर भव्य गंगा आरती से शुरूआत होगी। कर्नाटक चौकड़ी में चार कलाकार निर्गुणधारा को जीवंत करेंगे।
14 और 15 दिसंबर के आयोजन
सुबह के संगीत कार्यक्रम की शुरूआत गायिका और वादक युसरा नकवी की मन लागो रे...से होगी। सर्वतारा कबीर के छंदों से प्रेरित अपनी रचनाओं के साथ प्रोजेक्ट कहत कबीर पेश करेंगे। देवब्रत मिश्रा सितार, सुरबहार और गायन की प्रस्तुति करेंगे। मिथाविन भारतीय शास्त्रीय संगीत और जैज पेश करेंगे। दोपहर के सत्र में सर्न की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ. अर्चना शर्मा शामिल होंगी। हिमांशु वाजपेयी और प्रज्ञा शर्मा दास्तान-ए-कबीर एक दास्तानगोई की प्रस्तुति देंगी। शाम के संगीत कार्यक्रम में केरल से बंगाल तक की प्रस्तुतियां होंगी। दिल्ली का उदार फ्यूजन बैंड अद्वैत समकालीन भारतीय संगीत की प्रस्तुतियां देगा। मधुप मुद्गल और सावनी मुद्गल की कबीर बानी, फकीरा बंगाली लोक संगीत, थाइक्कुदम ब्रिज लोक और शास्त्रीय भारतीय संगीत की प्रस्तुति देंगे।
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। काशी के सांस्कृतिक आयोजन महिंद्रा कबीर फेस्टिवल के आठवें संस्करण का आयोजन शुक्रवार काे गंगा के तट पर होगा। गुलेरिया कोठी, पंचगंगा और शिवाला घाट पर विविध आयोजन होंगे।
पहले दिन की शुरूआत शाम को गंगा आरती के साथ होगी। तीन दिवसीय उत्सव संगीत, साहित्य, और आध्यात्मिकता का एक अद्भुत संगम है। इसमें 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि कबीर के अनंत ज्ञान का जश्न मनाया जाएगा।
विज्ञापन
सांस्कृतिक प्रसार प्रमुख जय शाह ने बताया कि संत कबीर के विचारों को विभिन्न तरीकों से फिर से देखने के लिए संगीत की विभिन्न विधाओं, साहित्य सत्रों और धरोहर सैर के माध्यम से महसूस करना अनोखा अनुभव होगा।
विज्ञापन
फेस्टिवल में विविध संगीत प्रदर्शन, कर्नाटक संगीत, अर्ध-शास्त्रीय, सूफी, इंडी फ्यूजन, शास्त्रीय और लोक संगीत सहित विभिन्न शैलियों के संगीतकार प्रस्तुति देंगे। साहित्य सत्र में कबीर के जीवन, दर्शन और कविताओं पर गहन चर्चाएं होंगी।
गंगा आरती से होगी शुरूआत
तीन दिवसीय फेस्टिवल में गंगा नदी के तट पर भव्य गंगा आरती से शुरूआत होगी। कर्नाटक चौकड़ी में चार कलाकार निर्गुणधारा को जीवंत करेंगे।
14 और 15 दिसंबर के आयोजन
सुबह के संगीत कार्यक्रम की शुरूआत गायिका और वादक युसरा नकवी की मन लागो रे...से होगी। सर्वतारा कबीर के छंदों से प्रेरित अपनी रचनाओं के साथ प्रोजेक्ट कहत कबीर पेश करेंगे। देवब्रत मिश्रा सितार, सुरबहार और गायन की प्रस्तुति करेंगे। मिथाविन भारतीय शास्त्रीय संगीत और जैज पेश करेंगे। दोपहर के सत्र में सर्न की प्रतिष्ठित वैज्ञानिक डॉ. अर्चना शर्मा शामिल होंगी। हिमांशु वाजपेयी और प्रज्ञा शर्मा दास्तान-ए-कबीर एक दास्तानगोई की प्रस्तुति देंगी। शाम के संगीत कार्यक्रम में केरल से बंगाल तक की प्रस्तुतियां होंगी। दिल्ली का उदार फ्यूजन बैंड अद्वैत समकालीन भारतीय संगीत की प्रस्तुतियां देगा। मधुप मुद्गल और सावनी मुद्गल की कबीर बानी, फकीरा बंगाली लोक संगीत, थाइक्कुदम ब्रिज लोक और शास्त्रीय भारतीय संगीत की प्रस्तुति देंगे।