{"_id":"68a8d8e2192d3df88104cd6b","slug":"mahendra-convicted-in-ashok-murder-case-sentenced-to-10-years-in-prison-fined-varanasi-news-c-194-1-son1001-133062-2025-08-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Varanasi News: अशोक हत्याकांड में दोषी महेंद्र को 10 साल की सजा, जुर्माना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Varanasi News: अशोक हत्याकांड में दोषी महेंद्र को 10 साल की सजा, जुर्माना
विज्ञापन
सोनभद्र। करीब साढ़े तीन वर्ष पूर्व हुए अशोक पनिका हत्याकांड में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम जितेंद्र कुमार द्विवेदी की अदालत ने दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष कैद की सजा सुनाई। शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के हरहोरी निवासी मीना देवी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके ससुर अशोक पनिका करीब डेढ़ माह से देवर महेंद्र कुमार के साथ अपनी बड़ी बेटी के घर काचन रहते थे।
23 दिसंबर 2021 को दोपहर दो बजे ससुर ने देवर महेंद्र कुमार से पुनः काचन जाने के लिए कहा तो महेंद्र कुमार क्रोधित हो गया। लकड़ी के टुकड़े से ससुर अशोक पनिका के सिर पर मार दिया, जिससे सिर में गंभीर चोटें आई।
विज्ञापन
अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की और चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
जुर्माने की राशि जमा न करने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
अभियोजन पक्ष के मुताबिक म्योरपुर थाना क्षेत्र के हरहोरी निवासी मीना देवी ने पुलिस को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके ससुर अशोक पनिका करीब डेढ़ माह से देवर महेंद्र कुमार के साथ अपनी बड़ी बेटी के घर काचन रहते थे।
विज्ञापन
23 दिसंबर 2021 को दोपहर दो बजे ससुर ने देवर महेंद्र कुमार से पुनः काचन जाने के लिए कहा तो महेंद्र कुमार क्रोधित हो गया। लकड़ी के टुकड़े से ससुर अशोक पनिका के सिर पर मार दिया, जिससे सिर में गंभीर चोटें आई।
विज्ञापन
अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। इस तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की विवेचना की और चार्जशीट दाखिल किया था। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं के तर्कों को सुनने, गवाहों के बयान व पत्रावली का अवलोकन करने पर दोषी महेंद्र कुमार को 10 वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।
जुर्माने की राशि जमा न करने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।