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काशी विद्यापीठ पर चढ़ने लगा चुनावी रंग, विवि में बढ़ी छात्र संगठनों की सक्रियता
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Wed, 03 Oct 2018 10:01 PM IST
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काशी विद्यापीठ में पुलिस फोर्स के साथ सीआरपीएफ ने चेकिंग की
- फोटो : amar ujala
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महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव की तारीख का ऐलान होते ही विश्वविद्यालय चुनावी रंग में रंगने लगा है। विश्वविद्यालय में 14 अक्तूबर को होगा। इससे पहले पांच अक्तूबर को नामांकन के लिए ऑनलाइन पंजीकरण होगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। इसी के साथ ही परिसर में आचार संहिता लागू हो गई। अधिसूचना जारी होने के साथ ही कैंपस में बिना परिचय पत्र के प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
पढ़ें : काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव की तारीख का हुआ ऐलान, चुनावी सरगर्मी हुई तेज
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वहीं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने में उम्मीदवार जुट गए हैं। छात्र संगठनों की सक्रियता भी अब विश्वविद्यालय में बढ़ गई है। अलग-अलग छात्र संगठनों से टिकट हासिल करने की जोर आजमाइश भी शुरू हो गई है।
एबीवीपी, समाजवादी छात्र सभा, एनएसयूआई के पैनल पर चुनाव लड़ने के लिए छात्र नेताओं ने शीर्ष पदाधिकारियों का चक्कर काटना शुरू कर दिया है। बीते साल छात्रसंघ चुनाव में समाजवादी छात्र सभा व एनएसयूआई समर्थित छात्र सभा के सिर जीत का सेहरा सजा था। ऐसे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस बार पूरी ताकत से चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने में लगा है।
एबीवीपी भी ऐसे उम्मीदवार को चुनाव में उतारना चाहती है जिसके बूते जीत हासिल की जा सके। उधर, चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों ने कैंपस में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कैंपस से लेकर कक्षाओं में चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। पंफलेट, विजिटिंग कार्ड, हैंडबिल वगैरह खूब बांटे जा रहे हैं।
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विश्वविद्यालय प्रशासन ने मंगलवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। इसी के साथ ही परिसर में आचार संहिता लागू हो गई। अधिसूचना जारी होने के साथ ही कैंपस में बिना परिचय पत्र के प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है।
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पढ़ें : काशी विद्यापीठ में छात्रसंघ चुनाव की तारीख का हुआ ऐलान, चुनावी सरगर्मी हुई तेज
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वहीं महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रसंघ चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने में उम्मीदवार जुट गए हैं। छात्र संगठनों की सक्रियता भी अब विश्वविद्यालय में बढ़ गई है। अलग-अलग छात्र संगठनों से टिकट हासिल करने की जोर आजमाइश भी शुरू हो गई है।
एबीवीपी, समाजवादी छात्र सभा, एनएसयूआई के पैनल पर चुनाव लड़ने के लिए छात्र नेताओं ने शीर्ष पदाधिकारियों का चक्कर काटना शुरू कर दिया है। बीते साल छात्रसंघ चुनाव में समाजवादी छात्र सभा व एनएसयूआई समर्थित छात्र सभा के सिर जीत का सेहरा सजा था। ऐसे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इस बार पूरी ताकत से चुनाव में अपनी दावेदारी पेश करने में लगा है।
एबीवीपी भी ऐसे उम्मीदवार को चुनाव में उतारना चाहती है जिसके बूते जीत हासिल की जा सके। उधर, चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों ने कैंपस में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। कैंपस से लेकर कक्षाओं में चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। पंफलेट, विजिटिंग कार्ड, हैंडबिल वगैरह खूब बांटे जा रहे हैं।
चला चेकिंग अभियान तो छात्रों ने दिया धरना
काशी विद्यापीठ में धरने पर बैठे छात्र
- फोटो : amar ujala
छात्रसंघ चुनाव के मद्देनजर विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से परिसर में सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग अभियान के दौरान जब पूर्व छात्रों व छात्रनेताओं को आई कार्ड न होने की वजह से परिसर से खदेड़ा जाने लगा तो छात्र नाराज हो गए।
विरोध में उन्होंने केंद्रीय कार्यालय का गेट बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि बाद में चीफ प्राक्टर ने पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों को प्रचार के लिए परिसर में प्रवेश पर अनुमति का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
बुधवार को सीओ चेतगंज अंकिता सिंह के नेतृत्व में प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने पूरे परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस फोर्स के साथ सीआरपीएफ भी इस दौरान मौजूद रही। चेकिंग अभियान जब शुरू हुआ तो पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
करीब सौ से अधिक बगैर आई कार्ड के थे जो चेकिंग होता देख भाग खड़े हुए। इस दौरान कई को पकड़ा भी गया जिनके पास आई कार्ड नहीं था। इसमें पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी भी थे। फोर्स ने जब इन्हें बाहर करना चाहा तो वो उन्होंने प्राक्टर से नोकझोंक शुरू कर दी। इससे नाराज होकर ही पूर्व पदाधिकारी समेत छात्र धरने पर बैठ गए।
उनकी मांग थी कि पूर्व पदाधिकारियों को चुनाव प्रचार के लिए परिसर में आने की अनुमति दी जानी चाहिए। चीफ प्राक्टर प्रो. शंभु उपाध्याय ने केवल पूर्व पदाधिकारियों को ही चुनाव प्रचार के लिए परिसर में प्रवेश की अनुमति दी है। उनके साथ अन्य कोई बाहरी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। छात्रसंघ चुनाव को देखते परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। परिसर में सीआरपीएफ तैनात कर दी गई है।
विरोध में उन्होंने केंद्रीय कार्यालय का गेट बंद कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि बाद में चीफ प्राक्टर ने पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारियों को प्रचार के लिए परिसर में प्रवेश पर अनुमति का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
बुधवार को सीओ चेतगंज अंकिता सिंह के नेतृत्व में प्राक्टोरियल बोर्ड की टीम ने पूरे परिसर में चेकिंग अभियान चलाया। पुलिस फोर्स के साथ सीआरपीएफ भी इस दौरान मौजूद रही। चेकिंग अभियान जब शुरू हुआ तो पूरे परिसर में हड़कंप मच गया।
करीब सौ से अधिक बगैर आई कार्ड के थे जो चेकिंग होता देख भाग खड़े हुए। इस दौरान कई को पकड़ा भी गया जिनके पास आई कार्ड नहीं था। इसमें पूर्व छात्रसंघ पदाधिकारी भी थे। फोर्स ने जब इन्हें बाहर करना चाहा तो वो उन्होंने प्राक्टर से नोकझोंक शुरू कर दी। इससे नाराज होकर ही पूर्व पदाधिकारी समेत छात्र धरने पर बैठ गए।
उनकी मांग थी कि पूर्व पदाधिकारियों को चुनाव प्रचार के लिए परिसर में आने की अनुमति दी जानी चाहिए। चीफ प्राक्टर प्रो. शंभु उपाध्याय ने केवल पूर्व पदाधिकारियों को ही चुनाव प्रचार के लिए परिसर में प्रवेश की अनुमति दी है। उनके साथ अन्य कोई बाहरी परिसर में प्रवेश नहीं कर सकेगा। छात्रसंघ चुनाव को देखते परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। परिसर में सीआरपीएफ तैनात कर दी गई है।