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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth 165 seats for MA Sanskrit only 13 applied

MGKVP: काशी विद्यापीठ में MA संस्कृत में 165 सीटें, आवेदन महज 13; बढ़ सकती है अप्लाई करने की तारीख

Thu, 27 Jun 2024 12:46 PM IST
प्रगति चंद पंकज चौबे, वाराणसी।
पंकज चौबे, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Thu, 27 Jun 2024 12:46 PM IST
सार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में 30 पाट्यक्रमों में सीट से कम आवेदन आए हैं।एमए संस्कृत में 165 सीटें हैं, जिसमें महज 13 आवेदन अब तक आए हैं। वहीं एमए हिंदी में 63 और इतिहास में सिर्फ 99 आवेदन आए। ऐसे में अब तिथि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।  

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Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth 165 seats for MA Sanskrit only 13 applied
काशी विद्यापीठ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में यूजी-पीजी के कुल 58 पाठ्यक्रमों से लगभग 30 में अब तक सीटों से भी कम आवेदन आए हैं। कुछ पाठ्यक्रमों में एक या दो आवेदन ही आए हैं। जबकि उन पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या 22 से लेकर 49 तक है। एमए हिंदी और इतिहास में 165 सीटों के मुकाबले क्रमश: 63 और 99 आवेदन ही आए हैं। आवेदन की बेहद धीमी रफ्तार को देखते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति ने 28 जून को बैठक बुलाई है। इसमें आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून को आगे बढ़ाने पर विचार किया जाएगा।

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केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के इच्छुक बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (सीयूईटी) देकर उसके रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। सीयूईटी का रिजल्ट 30 जून तक आने की उम्मीद है। ऐसे में काशी विद्यापीठ और अन्य महाविद्यालयों में दाखिले की प्रक्रिया रुकी पड़ी है। जबकि काशी विद्यापीठ में यूजी-पीजी में आवेदन की अंतिम तिथि 30 जून निर्धारित की गई है। विश्वविद्यालय में अब तक आवेदनों की संख्या महज 13 हजार के आसपास है। इसमें भी शुल्क जमा करने वाले अभ्यर्थी नौ हजार ही हैं।

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यूजी-पीजी की कुल सीटों की संख्या लगभग 8000

Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth 165 seats for MA Sanskrit only 13 applied
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

काशी विद्यापीठ में यूजी-पीजी की कुल सीटों की संख्या लगभग 8000 है। कई विभागों में अब तक सीटों से भी काफी कम आवेदन आए हैं। एमए संस्कृत में 165 सीटें हैं। इसमें अब तक महज 13 आवेदन आए हैं। एमए अर्थशास्त्र में भी 165 सीटों के मुकाबले अब तक महज 51 आवेदन आए हैं। इसी तरह एमएसडब्ल्यू में कुल 84 सीटों के मुकाबले 67, बीलिब में 66 सीटों के मुकाबले 25 और एमए राजनीति शास्त्र में 165 सीटों के मुकाबले 118 आवेदन आए हैं। अपेक्षा के विपरीत बेहद कम संख्या में आवेदन आने से सीटें खाली रह जाने की आशंका में विश्वविद्यालय प्रशासन दूसरी बार आवेदन तिथि बढ़ाने पर विचार कर रहा है।

क्या बोले अधिकारी
अभी बड़ी संख्या में बच्चे सीयूईटी के रिजल्ट का इंतजार कर रहे हैं। हमारे क्षेत्र में ऐसे बच्चों की संख्या कम है, जो एक साथ चार-चार फॉर्म भर पाएं। आवेदनों की स्थिति को देखते हुए अंतिम तिथि 30 को आगे बढ़ाने पर विचार करने के लिए 28 जून को डीन और विभागाध्यक्षों की बैठक बुलाई गई है। उसमें आवेदन तिथि बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा। - प्रो. एके त्यागी, कुलपति, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ।

सीटों से कम आवेदन वाले कुछ कोर्स

कोर्स                         आवेदन सीटें
डिप्लोमा इन रशियन लैंग्वेज 1 22
पीजी डिप्लोमा इन रिमोट सेंसिंग एंड जीआईएस 2             33
सर्टिफिकेट इन फ्रेंच             3                         22
एमए उर्दू 5   88
एमए आईआरपीएम   13                         110

 

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कम आवेदन वाले कोर्स में नहीं होंगी प्रवेश परीक्षा

जिन पाठ्यक्रमों में सीटों के दोगुने से कम आवेदन आए हैं उनमें प्रवेश परीक्षा नहीं कराई जाएगी। उनमें सीधे प्रवेश लिया जाएगा। इसलिए बीए में प्रवेश के लिए अब तक 2017 आवेदन आने के बावजूद इसे नॉन एंट्रेंस की श्रेणी में रखा गया है। लेकिन, अगर अंतिम तिथि तक सीटों के दोगुने यानी 2200 से अधिक आवेदन हो गए तो इसे भी एंट्रेंस कैटेगरी में लाया जा सकता है। गौरतलब है कि मंगलवार शाम तक बीकॉम में 346 सीटों के लिए सर्वाधिक 1797 आवेदन आए थे। कुलपति प्रो. एके त्यागी ने कहा कि अब तक आए आवेदनों के मद्देनजर 12 से 14 पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश परीक्षा कराने की जरूरत पड़ेगी।
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