{"_id":"6991443cbfbfc11c110645cf","slug":"maha-shivratri-2026-kashi-vishwanath-dham-four-lakh-devotees-visiting-and-offers-darshan-pujan-2026-02-15","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"काशी विश्वनाथ धाम: महाशिवरात्रि पर आठ लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन, तीन किमी पैदल चलकर पहुंचे मंदिर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी विश्वनाथ धाम: महाशिवरात्रि पर आठ लाख श्रद्धालुओं ने किए बाबा के दर्शन, तीन किमी पैदल चलकर पहुंचे मंदिर
Mon, 16 Feb 2026 09:29 AM IST
प्रगति चंद
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Mon, 16 Feb 2026 09:29 AM IST
सार
Maha Shivratri 2026 Latest Update in Varanasi: महाशिवरात्रि पर काशी विश्वनाथ धाम में मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान रविवार को आठ लाख भक्तों ने बाबा के दर्शन किए।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर बाबा विश्वनाथ धाम में विशेष पूजन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
महाशिवरात्रि पर रविवार की देर रात तक आठ लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए। तीन बजे मंगला आरती के बाद जब कपाट खुले तो शाम आठ बजे तक हर सेकंड 10 से 12 भक्तों ने दर्शन किए। श्रद्धालुओं की यह संख्या पिछले साल से कम रही। 2025 में महाकुंभ के पलट प्रवाह के चलते महाशिवरात्रि पर विश्वनाथ मंदिर में 45 घंटे में ही 12 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे।
विज्ञापन
महाशिवरात्रि पर काशी में श्रद्धालुओं की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
कॉरिडोर बनने के 5 साल पहले साल 2016 में 3 लाख, 2017 में 2.25 लाख, 2018 में 1.8 लाख, 2019 में 5 लाख, 2020 में 2 लाख, 2021 में 2.5 लाख लोगों ने दर्शन किए थे। 2021 में कॉरिडोर बनने के बाद 2022 में 6 लाख, 2023 में 7 लाख,2 024 में 8.50 लाख लोग शिवरात्री पर दर्शन के लिए पहुंचे थे।
इसे भी पढ़ें; Maha Shivratri 2026: विश्वनाथ धाम में चार किमी लंबी लाइन, दो लाख भक्तों ने किए दर्शन; गूंज रहा हर- हर महादेव
इसे भी पढ़ें; Maha Shivratri 2026: विश्वनाथ धाम में चार किमी लंबी लाइन, दो लाख भक्तों ने किए दर्शन; गूंज रहा हर- हर महादेव
विज्ञापन
विज्ञापन
सड़क और जिगजैग बैरिकेडिंग से तीन किलोमीटर पैदल चलकर लोग मंदिर पहुंचे। चार पहर की आरती हुई। लगातार 45 घंटे बाबा ने दर्शन दिए। मंगला आरती के बाद से लाइन में लगे भक्तों पर पुष्पवर्षा की गई। छह द्वारों से भक्तों को कॉरिडोर और मुख्य मंदिर में प्रवेश कराया गया।
काशीवासियों को मकर द्वार से अलग लाइन से दर्शन करने को मिला। मोर पंख की माला और मौर पहनाकर महादेव को दूल्हे के रूप में सजाया गया। 63 मंदिरों से आए प्रसाद से बाबा को भोग लगाया गया।