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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Maha Kumbh 10 crore devotees reach Kashi water barricading safety nets installed Ganga river

महाकुंभ : काशी में 10 करोड़ भक्तों के पहुंचने का अनुमान, गंगा में वाटर बैरिकेडिंग व सेफ्टी नेट भी लगेंगे

Sun, 29 Dec 2024 11:49 AM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Sun, 29 Dec 2024 11:49 AM IST
सार

Varanasi News : महाकुंभ के दाैरान काशी आने वाले भक्तों की सुरक्षा के लिए जल पुलिस और जिला प्रशासन दोनों तैयारियां कर रहे हैं। खासताैर से गंगा स्नान करने वालों पर विशेष निगरानी की जाएगी। ऐसा पहली बार होगा कि 3000 मीटर लंबी वाटर बैरिकेडिंग और 3000 मीटर लंबा सेफ्टी नेट खरीदा जाएगा।

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Maha Kumbh 10 crore devotees reach Kashi water barricading safety nets installed Ganga river
महाकुंभ। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान काशी आने वाले श्रद्धालुओं के लिए गंगा स्नान के दौरान सुरक्षा के खास इंतजाम रहेंगे। इसके मद्देनजर कमिश्नरेट की जल पुलिस के पास जल्द ही अपना फ्लोटिंग डिवाइडर होगा। इस क्रम में 3000 मीटर लंबी वाटर बैरिकेडिंग और 3000 मीटर लंबा सेफ्टी नेट खरीदा जाएगा।

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काशी में देव दीपावली जैसे बड़े आयोजन पर गंगा में लेन बनाने के लिए अब तक प्रयागराज से फ्लोटिंग डिवाइडर मंगवाए जाते थे। प्रयागराज के महाकुंभ के दौरान प्रशासन का अनुमान है कि तकरीबन 10 करोड़ श्रद्धालु काशी आएंगे। इसके अलावा मकर संक्रांति, महाशिवरात्रि, छठ, पूर्णिमा-अमावस्या, सूर्य-चंद्र ग्रहण जैसे अवसरों पर काशी में गंगा स्नान के लिए लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ता है। 
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इसे देखते हुए शासन स्तर से कमिश्नरेट की जल पुलिस के लिए स्थायी रूप से फ्लोटिंग डिवाइडर खरीदने का निर्णय लिया गया है। इस क्रम में शासन स्तर से तीन करोड़ 63 लाख 75 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।

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दोनों ही महत्वपूर्ण जल सुरक्षा उपकरण
जल पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि दोनों ही महत्वपूर्ण जल सुरक्षा उपकरण हैं। फ्लोटिंग डिवाइडर की व्यवस्था स्थायी रूप से होने से देव दीपावली के समय उसका इस्तेमाल गंगा में वाटर लेन बनाने के लिए किया जाएगा।

स्नान पर्व के दौरान उसका इस्तेमाल गंगा में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग के रूप में किया जा सकेगा। इसके अलावा सेफ्टी नेट के चलते स्नान के दौरान पैर फिसलने से कोई श्रद्धालु गहरे पानी में नहीं जाएगा। जेटी में लगी सेफ्टी नेट से स्नान करने वाले श्रद्धालु को आसानी से बचाया जा सकेगा।

बोले अधिकारी
जल पुलिस को अत्याधुनिक संसाधनों से लैस करने का प्रयास किया जा रहा है। उसी क्रम में पूर्व में भेजे गए प्रस्ताव पर शासन स्तर से स्वीकृति मिली है। - मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त

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