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सियासी रार: मोहन भागवत की सरकार बदलने वाले बयान पर कपिल सिब्बल का पलटवार, बोले- देश में लोकतंत्र से होगा बदलाव

Sat, 24 Oct 2026 09:39 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Sat, 24 Oct 2026 09:39 PM IST
सार

मोहन भागवत की सरकार बदलने संबंधी टिप्पणी पर कपिल सिब्बल ने कहा कि भारत में बदलाव लोकतांत्रिक तरीके से होना चाहिए। उन्होंने प्रदर्शन, बेरोजगारी, शिक्षा, मतदाता सूचियों और सीमा सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठाए। भागवत ने नेपाल और बांग्लादेश जैसे देशों के घटनाक्रम का उदाहरण क्यों दिया था? क्या सरकार बदलने से बुनियादी समस्याएं दूर हो सकती हैं? सिब्बल ने आरएसएस और केंद्र सरकार पर कौन-कौन से आरोप लगाए? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...

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Political Row: Kapil Sibal Hits Back at Mohan Bhagwat Regime Change Remarks Change Must Come Through Democracy
मोहन भागवत की सरकार बदलने वाली टिप्पणी पर कपिल सिब्बल का पलटवार - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

भारत में सरकार बदलने को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की टिप्पणी पर राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने पलटवार किया है। सिब्बल ने कहा कि भारत में सरकार बदलने की इच्छा रखने वाले लोग लोकतांत्रिक तरीके से बदलाव चाहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भागवत इस बात को स्वीकार नहीं करना चाहते। सिब्बल ने कहा कि देश में बदलाव की जरूरत है और लोगों ने इसके लिए अपना मन बना लिया है। हालांकि, यह बदलाव कब और कैसे होगा, यह समय ही बताएगा।

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भागवत की टिप्पणी पर सिब्बल ने क्या कहा?
सिब्बल ने भागवत की उस टिप्पणी पर सवाल उठाया, जिसमें उन्होंने भारत में सरकार बदलने की मांग की तुलना नेपाल, बांग्लादेश, अल्बानिया और फ्रांस में हुए हालिया घटनाक्रम से की थी। सिब्बल ने कहा कि इन देशों में खुले विद्रोह के कारण हिंसा हुई, जिसका वह समर्थन नहीं करते। उनके मुताबिक, भारत में लोग चुनाव और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिये सरकार बदलना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर जुटे युवाओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया था। उनके पास न हथियार थे और न पत्थर। सिब्बल ने यह भी कहा कि प्रदर्शनकारियों ने भूख हड़ताल की थी।
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प्रदर्शन में हिंसा और पत्थरों से भरे ट्रक को लेकर क्या आरोप लगाए?
सिब्बल ने आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के पीछे बाहरी एजेंसियां हो सकती हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदर्शन स्थल पर पत्थरों से भरा ट्रक कहां से आया और उसे वहां कौन लेकर पहुंचा। सिब्बल ने कहा कि इस मामले की अब तक जांच नहीं हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस और कानून-व्यवस्था उपराज्यपाल के माध्यम से केंद्र सरकार के नियंत्रण में हैं। हालांकि, बाहरी एजेंसियों की भूमिका और ट्रक के बारे में लगाए गए आरोपों की पुष्टि इन बयानों से नहीं होती।
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आरएसएस पर सिब्बल ने और क्या आरोप लगाए?
सिब्बल ने कहा कि आरएसएस ने पहले भी सरकार बदलने की प्रक्रिया में भूमिका निभाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि संघ ने अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया था, जिससे कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन यानी यूपीए सरकार के पतन में योगदान मिला। सिब्बल ने कहा कि नरेंद्र मोदी चुनाव जीतकर सत्ता में आए और उन्हें सत्ता में आए 12 साल हो चुके हैं। उन्होंने सवाल किया कि अगर सरकार बदलने से बुनियादी समस्याएं दूर नहीं होतीं, तो आरएसएस ने पहले केजरीवाल का समर्थन क्यों किया था। ये सिब्बल के राजनीतिक आरोप हैं।

बेरोजगारी, शिक्षा और सीमा सुरक्षा पर सिब्बल ने क्या सवाल उठाए?
सिब्बल ने आरोप लगाया कि भागवत देश की प्रमुख समस्याओं पर बात नहीं कर रहे हैं। उन्होंने स्कूलों में शिक्षा की स्थिति, बेरोजगारी और युवाओं के लिए अवसरों की कमी का मुद्दा उठाया। सिब्बल ने मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी, अरुणाचल प्रदेश और पूर्वी लद्दाख में सीमा पर घुसपैठ तथा युवाओं, शिक्षाविदों और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को रोजगार नहीं मिल रहा है और गरीबों को शिक्षा के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने विदेशी ताकतों से देश को अस्थिर करने की आशंका जताने वाली भागवत की टिप्पणी पर भी सवाल उठाया।

भागवत ने सरकार बदलने की मांग पर क्या कहा था?

  • भागवत ने मंगलवार को नागपुर में आरएसएस के वार्षिक विजयादशमी उत्सव में कहा था कि सरकार बदलने के लिए होने वाले आंदोलन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं करते। उन्होंने आशंका जताई थी कि ऐसे आंदोलन राजनीतिक हितों के साधन बन सकते हैं और समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं।
  • नेपाल, बांग्लादेश, फ्रांस और अल्बानिया के घटनाक्रम का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा था कि सरकार बदलने से हालात बदलने का दावा अक्सर पूरा नहीं होता। सिब्बल ने इसके अलावा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के महानिदेशक शत्रुजीत कपूर की अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों पर आमने-सामने की स्थिति बने रहने संबंधी टिप्पणी का मुद्दा भी उठाया।
  • उन्होंने सरकार पर सीमा के मामले में कमजोर होने का आरोप लगाया। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो के भारत दौरे पर भी सिब्बल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री को उनसे मिलने के लिए मुंबई जाना पड़ा और रुबियो ने 99 प्रतिशत व्यापार समझौता पूरा होने की घोषणा की। सिब्बल ने इस घटनाक्रम को भारत के लिए अपमानजनक बताया।
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