फर्जी दस्तावेज से मदरसा संचालन: प्रबंधक-प्रधानाचार्य गिरफ्तार, दोनों के खिलाफ दर्ज थी प्राथमिकी; भेजा जेल
जिले के नेवादा स्थित मदरसे की प्रबंध समिति के पंजीकरण के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में पुलिस ने प्रबंधक और प्रधानाचार्य को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि दोनों ने फर्जी प्रपत्रों के आधार पर मदरसे का संचालन किया। पुलिस ने दोनों को मदरसे के पास से पकड़ा। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।
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मदरसा संचालन और प्रबंध समिति के पंजीकरण के लिए फर्जी एवं कूटरचित प्रपत्र तैयार करने के मामले में मुबारकपुर पुलिस ने मदरसा प्रबंधक और प्रधानाचार्य को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ 15 सितंबर को राहत हुसैन निवासी नेवादा की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने बुधवार को दोनों को मदरसे के पास से गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई।
थाना प्रभारी शशिचंद्र चौधरी ने बताया कि मामले में मदरसा संचालन और प्रबंध समिति का पंजीकरण कराने के लिए फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाया गया है। राहत हुसैन की तहरीर के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई तेज की।
बुधवार को उपनिरीक्षक रामचरन यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने नेवादा स्थित मदरसा जामिया अरबिया ऐनुल इस्लाम के पास पहुंचकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जमील अहमद नजीरी निवासी नेवादा के रूप में हुई, जो मदरसे का प्रबंधक है। दूसरे आरोपी की पहचान जलीस अहमद के रूप में हुई, जो मदरसे में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत है।
पुलिस का कहना है कि मदरसे के संचालन और उसकी प्रबंध समिति के पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया गया। मामले में शिकायत मिलने के बाद दस्तावेजों और आरोपों की जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूरी की।
थाना प्रभारी के मुताबिक दोनों आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। दस्तावेजों की जांच और विवेचना के आधार पर प्रकरण से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाया जाएगा।