भव्य, दिव्य एवं विश्वस्तरीय होगा मां विंध्यवासिनी धामः डाॅ. नीलकंठ तिवारी
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प्रधानमंत्री की प्रेरणा से मुख्यमंत्री ने विंध्य कारिडोर के लिए कार्य शुरू किया है। इससे आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ विंध्य क्षेत्रवासियों के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही पर्यटन की दृष्टि से यह दरबार विश्व के मानचित्र पर स्थापित होगा। उक्त बातें शुक्रवार की दोपहर विंध्याचल पहुंचे प्रदेश के पर्यटन, धर्मार्थ एवं सांस्कृतिक राज्यमंत्री डाॅ. नीलकंठ तिवारी ने कही।
उन्होंने कहा कि एक कथित धर्मनिरपेक्षता का बहाना बना कर हमारे आध्यात्मिक स्थलों को उपेक्षित किया गया है। मुख्यमंत्री ने जब से शपथ लिया है, तब से हमारे सभी धार्मिक स्थलों का विकास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि तीन सौ से अधिक स्थलों पर विकास कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। ब्रजतीर्थ, देवीपाटन, प्रयागराज, काशी, चित्रकूट, अयोध्या, श्रृंगवेरपुर आदि स्थानों पर विकास कार्य हो चुका है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग पूरे देश में डोमेस्टिक टूरिज्म में नंबर एक पर है। परिक्रमा पथ के पूरे होने के प्रश्न पर मंत्री ने कहा कि जिस कार्य का शिलान्यास इस सरकार में होता है उसका लोकार्पण भी होता है। पर्यटन मंत्री ने कहा कि जिसकी संपत्ति जा रही है, उन्हें उचित मुआवजा दिया जा रहा है।
विंध्य कॉरिडोर परिक्रमा पथ का जायजा लिया
शुक्रवार दोपहर राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डाॅ. नीलकंठ तिवारी मां विंध्यवासिनी के दरबार पहुंचें और दर्शन पूजन किया। उन्होंने कतार में खड़े होकर मां के गर्भगृह में पहुंचकर विधि विधान से दर्शन पूजन किया। मंदिर परिसर में विराजमान समस्त देवी देवताओं के दर्शन पूजन के बाद हवन कुंड की परिक्रमा भी की। दर्शन पूजन के उपरांत मां विंध्यवासिनी मंदिर की छत से चारों तरफ विंध्य कॉरिडोर योजना के अंतर्गत बनाए जा रहे परिक्रमा पथ के लिए ध्वस्तीकरण के कार्य का जायजा भी लिया। इस दौरान प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री रमाशंकर सिंह पटेल, नगर विधायक रत्नाकर मिश्रा मौजूद रहे।