{"_id":"5856f6dc4f1c1bad60c0676c","slug":"lost-in-the-process-of-improving-traffic-papers","type":"story","status":"publish","title_hn":"कागजों में खो गई ट्रैफिक सुधार की कवायद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कागजों में खो गई ट्रैफिक सुधार की कवायद
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Mon, 19 Dec 2016 02:21 AM IST
विज्ञापन
जाम से जूझे लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आला अधिकारी बैठकें करते हैं, निर्देश देते हैं फिर सब कुछ भूल जाते हैं और इसका फायदा उनके मातहत उठाते हैं। शहर की ध्वस्त यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में बनाई गई महत्वाकांक्षी कार्ययोजना इसकी मिसाल बनने जा रही है। डीएम ने विभागों के काम की जिम्मेदारी तय करते हुए इसकी तिथि तक निर्धारित कर दी थी मगर डीएम के निर्देश पर अमल करना तो दूर, पहल तक शुरू नहीं हो सकी।
28 नवंबर को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र के कैंप कार्यालय में बैठक हुई थी। इसमें एसएसपी, एडीएम सिटी, एसीएम प्रथम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, एसपी ग्रामीण, एसपी सिटी, सभी क्षेत्राधिकारी और नगर निगम के पांचों जोनल अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान पार्किंग स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने, बहुमंजिली व्यावसायिक इमारतों में बेसमेंट पार्किंग की सुविधा, संकेतक चिह्न, वन वे मार्ग व्यवस्था सहित यातायात से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं करने का जिम्मा नगर निगम, वीडीए, आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को दिया गया था। इस बीच सिर्फ ट्रैफिक पुलिस ने डेलीनेटर लगाने और बेतरतीब तरीके से सड़क किनारे खड़े वाहनों को क्रेन से उठवाने और बगैर परमिट केे चल रहे ऑटो के खिलाफ कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने के लिए रोजाना चेतावनी देने और नोटिस देने के मामले में केवल खानापूर्ति की गई है।
विज्ञापन
28 नवंबर को जिलाधिकारी योगेश्वर राम मिश्र के कैंप कार्यालय में बैठक हुई थी। इसमें एसएसपी, एडीएम सिटी, एसीएम प्रथम, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट, नगर आयुक्त, एसपी ग्रामीण, एसपी सिटी, सभी क्षेत्राधिकारी और नगर निगम के पांचों जोनल अधिकारी मौजूद थे। इस दौरान पार्किंग स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने, बहुमंजिली व्यावसायिक इमारतों में बेसमेंट पार्किंग की सुविधा, संकेतक चिह्न, वन वे मार्ग व्यवस्था सहित यातायात से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं करने का जिम्मा नगर निगम, वीडीए, आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को दिया गया था। इस बीच सिर्फ ट्रैफिक पुलिस ने डेलीनेटर लगाने और बेतरतीब तरीके से सड़क किनारे खड़े वाहनों को क्रेन से उठवाने और बगैर परमिट केे चल रहे ऑटो के खिलाफ कार्रवाई और अतिक्रमण हटाने के लिए रोजाना चेतावनी देने और नोटिस देने के मामले में केवल खानापूर्ति की गई है।
विज्ञापन